मुंबई विमान हादसा: चार्टर्ड प्लेन का ब्लैक बॉक्स मिला, 5 लोगों की हुई थी मौत
मुंबई। मुंबई के घाटकोपर स्थित रिहायशी इलाके सर्वोदय नगर में एक चार्टर्ड विमान क्रैश हो गया है। जैसे ही प्लेन क्रैश हुआ तो उसमें अचानक आग लग गई। इस विमान हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई थी। अब विमान का ब्लैक बॉक्स मिल गया है जिससे क्रैश होने के मुख्य कारणों का पता चल सकेगा। जानकारी के मुताबिक 12 सीटर वाले इस विमान में दुर्घटना के समय चार लोग सवार थे। दुर्घटना के बाद इलाके में बचाव और राहत कार्य जारी है। बताया जा रहा कि यह दुर्घटना दोपहर 1.15 मिनट पर हुई।

चार्टड प्लेन को पहले यूपी सरकार का बताया जा रहा था, जिस पर यूपी सरकार के प्रिंसिपल सेक्रेटरी अवनीश अवस्थी ने सफाई दी है। उन्होंने कहा, 'घाटकोपर में जो विमान क्रैश हुआ है वो यूपी सरकार का नहीं है। राज्य सरकार ने इसे मुंबई के यूवाई एवियशन को बेच दिया था। 'नागर विमानन महानिदेशालय के मुताबिक हादसे में विमान में सवार दो पायलट, दो इंजीनियर और सड़क पर चल रहे एक राहगीर की मौत हो गई है। मरने वालों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। खबरों की माने तो यह विमान जुहू एयरपोर्ट की तरफ बढ़ रहा था और जैसे ही प्लेन जैसे ही क्रैश हुआ तो उसमें आग लग गई। विमान सीधा इलाके की जागृति बिल्डिंग के पास एक निर्माणाधीन बिल्डिंग पर जा गिरा।
जानिए क्या होता है ब्लैक बॉक्स और कैसे चलता है हादसे की वजह का पता
हवाई जहाज का 'ब्लैक बॉक्स' या फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर, वायुयान में उड़ान के दौरान विमान से जुडी सभी तरह की गतिविधियों को रिकॉर्ड करने वाला उपकरण होता है | आम तौर पर इस बॉक्स को सुरक्षा की दृष्टि से विमान के पिछले हिस्से में रखा जाता है | यह बॉक्स बहुत ही मजबूत मानी जाने वाली धातु टाइटेनियम का बना होता है और टाइटेनियम के ही बने डिब्बे में बंद होता है ताकि ऊँचाई से जमीन पर गिरने या समुद्री पानी में गिरने की स्थिति में भी इसको कम से कम नुकसान हो |
फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर: इसमें विमान की दिशा, ऊँचाई (altitude) , ईंधन, गति (speed), हलचल (turbulence), केबिन का तापमान इत्यादि सहित 88 प्रकार के आंकड़ों के बारे में 25 घंटों से अधिक की रिकार्डेड जानकारी एकत्रित रखता है| यह बॉक्स 11000°C के तापमान को एक घंटे तक सहन कर सकता है जबकि 260°C के तापमान को 10 घंटे तक सहन करने की क्षमता रखता है | इस दोनों बक्सों का रंग काला नही बल्कि लाल या गुलाबी होता है जिससे कि इसको खोजने में आसानी हो सके | इसमें विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से दो घंटे पहले तक के पायलट, को-पायलट के सारी बातचीत रिकॉर्ड हो जाती है जिसके आधार पर ये पता लगाया जा सकता है कि आखिरी पलों में किस तरह की बातचीत पायलट के बीच में हो रही थी। इससे भी विमान क्रैश के कारणों को जाना जा सकता है।












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