तो क्या मोदी को हराने के लिए तीसरे मोर्चे में शामिल होंगी ममता?
नई दिल्ली। जहां कांग्रेस एक बार फिर से अपनी रूठी हुई पुरानी साथी ममता बैनर्जी को मनाने में लगी हुई हैं वहीं दूसरी ओर ममता बैनर्जी की बातों से लगता है कि वो भाजपा को हराने के लिए तीसरे महामोर्चा में भी शामिल हो सकती हैं।
क्योंकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा है कि यदि क्षेत्रीय पार्टियां एकजुट हो जाएं तो भविष्य में होने वाले चुनावों में भाजपा बुरी तरह से हार जाएगी। ममता ने कहा, "कांग्रेस ने गलती की, जिसके कारण वह सत्ता से बाहर हो गई। भाजपा सिर्फ 29 प्रतिशत वोट के साथ देश पर राज कर रही है। वह इसलिए जीत गई, क्योंकि क्षेत्रीय पार्टियों ने एकजुट होकर चुनाव नहीं लड़ा। यदि क्षेत्रीय पार्टियां एकजुट हो जाएं तो भाजपा हार जाएगी।"
ममता ने यह आरोप भी लगाया कि भाजपा सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की कोशिश कर रही है। सांप्रदायिकता विरोधी एक मोर्चे का नेतृत्व करने से संबंधित सवाल पर ममता ने कहा कि इसके लिए अन्य कई लोग हैं, लेकिन गठबंधन विचारधारा आधारित होना चाहिए।
भाजपा सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की कोशिश कर रही है
हालांकि ममता ने यह साफ तो नहीं किया कि वो तीसरे महामोर्चा में शामिल हो सकती हैं लेकिन उनकी बातों से संकेत मिल रहे हैं कि अगर जरूरत पड़ी तो वो भी मोदीमय भाजपा को हराने के लिए क्षेत्रीय महामोर्चे में शामिल हो सकती हैं।
ममता बैनर्जी ने तीसरे मोर्चे से हाथ मिलाया!
आपको बता दें कि ममता बैनर्जी ने सोमवार को नई दिल्ली में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की 125वीं जयंती के अवसर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत भी की थी जिसके लिए यूपीए सुप्रीमो सोनिया गांधी ने उन्हें खुद फोन पर निमंत्रण दिया था। कांग्रेस की पुरजोर कोशिशें हैं कि वो ममता को फिर से अपने साथ कर लें। गौरतलब है कि यूपीए सरकार 2 में जब केन्द्र ने बिना ममता के मंशा के पैट्रोल और एलपीजी के दाम बढ़ाये थो तो ममता ने यूपीए से गठबंधन तोड़ दिया था।













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