शिवसेना ने राफेल मामले में बीजेपी को दी 'कम बोलने' की सलाह, 'नमो' टीवी पर कही ये बात
मुंबई: राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद बीजेपी और कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है। दोनों पार्टियों के बीच इस मामल में जुबानी जंग और भी तेज हो गई है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने इसे अपना मुख्य मुद्दा बना रखा है। बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने बीजेपी को इस मामले में कम बोलने की सलाह दी है। कांग्रेस पीएम मोदी पर इस मामले में सीधे भ्रष्टचार के आरोप लगा रही है। शिवसेना ने बीजेपी से कहा कि वो इस मामले में अनावश्यक बयानबाजी से बचें क्योंकि इससे राष्ट्रीय पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

'राफेल मामले में संयम बरते बीजेपी'
राफेल मामले में शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' में लिखा कि कम से कम राफेल मुद्दे पर बीजेपी को अहंकार छोड़ने और संयम के साथ बातचीत की जरूरत है। रक्षा मंत्री से लेकर दूसरे दूसरे बीजेपी नेता जो चाहे वो बोल रहे हैं। इससे पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं इसलिये हमारी सलाह है कि इस मामसल में जितना कम बोला जाए उतना ही बेहतर है। मराठी दैनिक ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के दिए फैसले का भी उल्लेख किया, जिसमें उसने केंद्र सरकार के इस तर्क को खारिज कर दिया कि राफेल सौदे पर मीडिया द्वारा एक्सेस किए गए संवेदनशील दस्तावेजों को साक्ष्य के रूप में नहीं माना जा सकता है ।

'नमो' टीवी पर कही ये बात
'नमो' टीवी पर शिवसेना ने कहा कि पीएम मोदी पर बनी बायोपिक की रिलीज पर बैन के साथ-साथ चुनाव आयोग ने नमो टीवी पर चलने वाली राजनीतिक सामग्री का प्रसारण भी बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि ये बीजेपी का आंतरिक मामला है, कि उसे प्रधानमंत्री के प्रचार के लिए एक अलग टेलीविजन की जरूरत है। एक या दो चैनलों को छोड़कर, हर चैनल नमो टीवी बन गया है। मोदी के भाषणों को प्रमुखता दी जा रही है और नमो टीवी पर प्रतिबंध से बचा जा सकता था बीजेपी का इलेक्ट्रॉनिक चैनलों पर प्रभाव है और पार्टी इसके लाभ उठा रही है।

जलगांव रैली में हिंसा पर बीजेपी को घेरा
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने जलगांव में एक चुनावी रैली के दौराम महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन की मौजूदगी में बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प को लेकर भी राष्ट्रीय पार्टी पर निशाना साधा, जहां पार्टी ने अपना उम्मीदवार बदल दिया है। पार्टी ने अपने मुखपत्र ‘सामना' के संपादकीय में लिखा कि झड़प का चौंकाने वाला वीडियो देश भर में देखा गया। बीजेपी ने पार्टी में गुंडों की भर्ती की और उन्हें ‘वाल्मीकि' में बदल दिया है। हालांकि यहां अनुभवी वाल्मीकि गुंडों में बदल गए और हिंसा में शामिल हो गए। यह न सिर्फ ‘महायुति' (भाजपा-शिवसेना गठबंधन) के प्रचार पर धब्बा है बल्कि समय आ गया है, जब पार्टी को इस पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।












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