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राजस्‍थान: गहलोत के राजभवन घेराव की चेतावनी पर भाजपा ने किया सवाल-सीएम जिम्मेदार नहीं होंगे तो कौन?

BJP submitted memorandum to Governor, said- Anarchy in the state

जयपुर। राजस्‍थान की राजनीति में राजनीतिक उथल-पुथल जारी है। पिछले 15 दिनों से लगातार हर दिन नया राजस्‍थान में नया राजनीति‍क ड्रामा देखने को मिल रहा है। शनिवार को पहले सीएम गहलोत ने एक बार फिर राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात की इसके बाद राजस्‍थान प्रदेश भाजपा अध्‍यक्ष सतीश पुनिया के नेतृत्‍व में भाजपा प्रतिनि‍धिमंडल राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात करने पहुंचे।

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राज्यपाल से मुलाकात करके भाजपा ने उन्‍हे ज्ञापन सौंपा। इस मुलाकात के बाद भाजपा अध्‍यक्ष पीएल पुनिया ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और गृह मंत्री द्वारा राजभन को 8 करोड़ लोगाें के द्वारा घेराव करने की चेतावनी पर आईपीसी की धारा 124 के तहत सजा आमंत्रित कर सकती है। उन्‍होंने कहा कि मुख्‍यमंत्री राज्य का मुखिया होता है इसके बावजूद उन्‍होंने कहा था कि अगर कानून और न्‍याय व्‍यवस्‍था का यहां उल्‍लंघन हुआ तो वह जिम्मेदार नहीं होंगे। अगर वह नहीं जिम्‍मेदार होंगे तो कौन? उन्‍हें इस तरह की भाषा का इस्‍तेमाल करने के लिए अब इस्‍तीफा दे देना चाहिए। भाजपा ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा और कहा कि "मुख्यमंत्री की धमकी राजभवन के घेराव और सुरक्षा सुनिश्चित करने में असमर्थता व्यक्त करने पर IPC धारा 124 के तहत स्पष्ट उल्लंघन है। प्रदेश में अराजकता का माहौल व्‍याप्‍त है।

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    वहीं भाजपा सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौर ने इस मुलाकात के बाद कहा किने कहा कि काग्रेस ने जो कुछ राजभवन परिसर में किया वह निचले स्‍तर की रजनीति है। राज्‍य में कोई शासन नहीं है, सत्ता में रहने वालों को हफ्तों से एक पांच सितारा होटल में रखा जाता है। इन विभिन्न मुद्दों के कारण लोग पीड़ित हैं।

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    बता दें शुक्रवार की सुबह अशोक गहलोत ने कहा था कि हमने कल पत्र भेजकर राज्यपाल से विधानसभा का सत्र बुलाने का निवेदन किया था जिसमें वर्तमान राजनीतिक हालात और कोरोना पर चर्चा की मांग की थी लेकिन उनका जवाब नहीं आया है।लगता है कि वह ऊपर से दबाव की वजह से सत्र बुलाने का निर्देश नहीं दे रहे। राज्यपाल अपनी अंतरात्मा के आधार पर, शपथ की भावना के आधार पर फैसला करें। अगर प्रदेश की जनता राजभवन को घेरने आ गयी तो हमारी जिम्मेदारी नहीं होगी।

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