जम्मू-कश्मीर में मजबूत प्रत्याशियों की भाजपा की खोज शुरू
नई दिल्ली- बीजेपी जम्मू-कश्मीर में चुनाव की तैयारियों में अभी से जुट गई है। प्रदेश में 10,000 अतिरिक्त पारा मिलिट्री फोर्स के जवानों की तैनाती को भी राज्य में होने वाली विधानसभा चुनाव से ही जोड़कर देखा जा रहा है। चर्चा है कि राज्य में अक्टूबर में चुनाव कराए जा सकते हैं। हो सकता है कि पार्टी इसके लिए चुनाव आयोग से आग्रह भी करे। खास बात ये है कि भाजपा इसबार जम्मू और लद्दाख के अलावा कश्मीर घाटी में भी अपनी विरोधी पार्टियों को कड़ी चुनौती देने के मूड में है और इस वक्त जारी सदस्यता अभियान के परिणाम से उसका उत्साह और बढ़ गया है। यही वजह है कि मंगलवार को प्रदेश बीजेपी कोर ग्रुप की दिल्ली में हुई बैठक में राज्य की राजनीतिक हालात की समीक्षा करने के साथ ही स्टेट लीडरशिप को मजबूत उम्मीदवारों को खोजने के लिए भी कह दिया गया है। इस बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने की, जिसमें प्रदेश के प्रभारी महासचिव राम माधव भी मौजूद रहे। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी नेतृत्व ने अविनाश राय खन्ना को जम्मू-कश्मीर में चुनाव प्रभारी भी नियुक्त कर दिया है।

घाटी में भारी सदस्यता से उत्साहित बीजेपी
भाजपा खुद को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी होने का दावा करती है। पार्टी के विस्तार के लिए पिछले 6 जुलाई से बीजेपी देशभर में सदस्यता अभियान चला रही है, जो 11 अगस्त तक चलना है। यह अभियान कश्मीर घाटी समेत पूरे प्रदेश में चल रहा है। लेकिन, पिछले करीब 25 दिनों में घाटी में पार्टी को जो कामयाबी मिली है, उसके कारण वह उत्साब से लबरेज हो चुकी है। कश्मीर घाटी में बीजेपी ने 1 लाख से ज्यादा सदस्य बनाने का रिकॉर्ड बना लिया है। कश्मीर घाटी में अबतक भाजपा की उपस्थिति नहीं के बराबर माना जाती थी। लेकिन, आज की तारीख में आलम ये है कि घाटी के क्रमांक संख्या 1 विधानसभा क्षेत्र करनाह में ही उसकी सदस्य संख्या 6,000 को पार कर चुकी है।

15 अगस्त को गांव-गांव में जश्न मनाएगी बीजेपी
भाजपा ने कश्मीर घाटी में जहां एक लाख से ज्यादा सदस्य बना लिए हैं, वहीं जम्मू इलाके में 3 लाख नए सदस्य बने हैं। पार्टी ने इस अभियान में राज्य में अपने सदस्यों की संख्या 17 लाख करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें 5 लाख सदस्य पहले से थे। यहां इस बात का जिक्र करना जरूरी है कि अप्रैल-मई में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी को राज्य में वोट भी 17 लाख ही मिले थे। बीजेपी को इसबार घाटी में जो कामयाबी मिल रही है, उसके कारण उसने 15 अगस्त को आजादी के जश्न के लिए मेगा प्लान तैयार किया है। इसके तहत पार्टी पंचायत प्रमुखों को अपने-अपने इलाकों और गांवों में तिरंगा फहराने को कहेगी। यहां इस बात का जिक्र करना जरूरी है कि राष्ट्रपति शासन के दौरान राज्य के पंचायतों में बड़ी आर्थिक सरकारी मदद पहुंचाए जाने की खबरें हैं। सरकार की यह कोशिश है कि अधिकारी खुद गांवों का दौरा करें और जनता की समस्याओं को मौके पर ही निपटाने का प्रयास करें। जाहिर है कि पार्टी पूरी चुनावी रणनीति के तहत कश्मीर के लोगों को साथ लेने की योजना पर काम करती दिख रही है।

बीजेपी की बढ़त से विरोधियों में हड़कंप
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में बीजेपी की बढ़त से उसकी विरोधी पार्टियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। अभी हाल ही में पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने अपने राजनीतिक विरोधी फारूक अब्दुल्ला से परोक्ष तौर पर भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ खड़े होने की अपील की थी। हालांकि, उन्होंने इशारों में उन्होंने संविधान की धारा-370 और धारा-35 ए को कथित तौर पर हटाए जाने का डर दिखाया था। इसकी वजह ये है कि पूरे प्रदेश में आंकड़ों के हिसाब से बीजेपी सभी प्रमुख विपक्षी पार्टियों को मिलाकर भी कहीं आगे दिखती है। मसलन पिछले लोकसभा चुनाव में जहां बीजेपी को राज्य में कुल 46.39% वोट मिले थे, वहीं नेशनल कांफ्रेंस को महज 7.89% और पीडीपी को 2.37% वोट हासिल हुए थे। जबकि, बीजेपी ने जम्मू और लद्दाख क्षेत्र की तीनों सीटें जीती थीं और नेशनल कांफ्रेंस को घाटी की तीनों सीटें मिली थीं। वहीं न तो पीडीपी को एक भी सीट मिली और न ही 28.47% वोट लाने वाली कांग्रेस को एक भी सीट मिल पाई थी।

मजबूत प्रत्याशियों की तलाश शुरू
जम्मू और लद्दाख क्षेत्र में भाजपा एक मजबूत दल है, यह लोकसभा के चुनाव और पिछले विधानसभा चुनाव के परिणामों में भी दिख चुका है। लेकिन, घाटी की दिक्कत अबतक ये रही है कि न तो पार्टी के पास मजबूत उम्मीदवार रहे हैं और न ही उसका कोई समर्थक वोट बैंक रहा है। अब जब इलाके में पार्टी पैठ बनाने में कामयाब हो रही है, तो उसकी प्राथमिकता वहां मजबूत उम्मीदवारों को तलाशने की है। माना जा रहा है कि इसके लिए पार्टी यहां मजबूत स्वतंत्र प्रत्याशियों का भी साथ ले सकती है। कहा जा रहा है कि नड्डा ने कोर ग्रुप की बैठक में इसके निर्देश भी दिए हैं और हो सकता है कि वे जल्द ही राम माधव के साथ प्रदेश का दौरा भी करें। कोर ग्रुप की बैठक में पीडीपी-नेशनल कांफ्रेंस को लेकर भी बात हुई है और घाटी में पार्टी की रणनीति उन्हीं दोनों दलों पर केंद्रित होगी।
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