बीजेपी नेता राम माधव बोले- कश्मीर में बहाल हो रही इंटरनेट सेवाएं, नेताओं को भी किया जा रहा रिहा
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद एक बार फिर जिंदगी पटरी पर वापस लौट रही है। गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के नेता राम माधव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि घाटी में इंटरनेट सेवाएं धीरे-धीरे बहाल की जा रही हैं। अभी फिलहाल ब्रॉडबैंड सेवाओं को शुरू किया जा रहा है, बाकि स्थानों पर सुरक्षा आकलन के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। राम माधव ने आगे कहा कि कई लोगों को हाउस अरेस्ट और निवारक हिरासत से मुक्त कर दिया गया है। प्रक्रिया चल रही है सुरक्षा आकलन के आधार पर प्रशासन समय-समय पर उचित निर्णय लेगा।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 के एक खंड को छोड़कर बाकी को निष्प्रभावी कर दिया था। इस ऐतिहासिक फैसले के अलावा सरकार ने जम्मू-कश्मीर को केंद्रशासित प्रदेशों-जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया था। इतने बड़े फैसले के बाद घाटी में किसी अनहोने घटना से बचने के लिए सरकार ने वहां के अलगाववादी नेताओं को हाउस अरेस्ट पर रखा था और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थीं। हालांकि अब हालात सामान्य होने के बाद वहां इंटरनेट सेवाओं को भी बहाल करने का काम किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें: राहुल गांधी-ओवैसी देश में गृह यद्ध कराना चाहते हैं: गिरिराज सिंह
जम्मू-कश्मीर से हटाई गईं अर्धसैनिक बलों की 72 टुकड़ियां
हाल ही में गृह मंत्रालय ने जम्मू और कश्मीर से सुरक्षा घटाने का फैसला लेते हुए अर्धसैनिक बलों की 72 टुकड़ियों को हटाने का फैसला किया। बता दें कि, कश्मीर से 5 अगस्त से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद हालात को नियंत्रण में रखने के लिए भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय की उच्चस्तरीय बैठक में इसका निर्णय लिया। गृह मंत्रालय की मंगलवार को हुई हाई लेवल मीटिंग में यह फैसला लिया गया कि, आरपीएफ की 24, बीएसएफ की 12, सीआईएसएफ की 12, आईटीबीपी की 12 और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 12 कंपनियों को नए घोषित केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर से निकाला जाएगा। हर कंपनी में करीब 100 जवान होते हैं। यानी, 7 हजार से ज्यादा अर्धसैनिक बल जम्मू-कश्मीर से निकल जाएंगे।












Click it and Unblock the Notifications