भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन? RSS-BJP की डील पक्की, इन 5 बड़े मंत्रियों के नाम चर्चा में सबसे आगे
Who will be Next BJP President: भारतीय जनता पार्टी (BJP) में लंबे समय से टलते आ रहे राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव पर अब तस्वीर साफ होती दिख रही है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के बीच रिश्तों की जमी बर्फ अब पिघल चुकी है। दोनों पक्ष अब एक ही मंच पर खड़े नजर आ रहे हैं और यही वजह है कि पार्टी कभी भी नए अध्यक्ष का नाम घोषित कर सकती है। कहा जा रहा है कि भाजपा और संघ के बीच नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर डील लगभग पक्की होगी।
पिछले कुछ महीनों तक भाजपा और संघ के बीच खटास साफ दिख रही थी। नड्डा के उस बयान को याद कीजिए, जब उन्होंने कहा था कि भाजपा को अब संघ की जरूरत नहीं है। यह बात संघ को नागवार गुजरी और 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा को 400 पार का नारा देने के बावजूद सिर्फ 240 सीटों पर सिमटना पड़ा। साफ था कि संघ के कार्यकर्ताओं ने मन से मेहनत नहीं की। लेकिन अब हालात बदल गए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से संघ की जमकर तारीफ की और इसे दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ बताया। गृह मंत्री अमित शाह भी कई मौकों पर कह चुके हैं कि उन्हें स्वयंसेवक होने पर गर्व है। वहीं संघ प्रमुख मोहन भागवत ने यह संदेश दिया कि समाज सेवा और राजनीति में रिटायरमेंट की कोई उम्र नहीं होती। इन संकेतों को देखते हुए अब भाजपा और RSS एक बार फिर साथ दिख रहे हैं।
BJP President 2025: संघ-भाजपा की डील फाइनल!
भाजपा और RSS संगठनों के शीर्ष नेताओं के हालिया बयानों ने साफ कर दिया है कि रिश्तों में पहले जैसी खटास अब नहीं रही। यही वजह है कि पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर जल्द ही अंतिम मुहर लगने की संभावना तेज हो गई है। सूत्रों का कहना है कि इस बार भाजपा अध्यक्ष की कुर्सी पर किसे बैठाया जाए, इस पर संघ और पार्टी दोनों ही मिलकर फैसला लगभग कर लिया है। उपराष्ट्रपति के चुनाव के बाद अब भाजपा कभी राष्ट्रीय अध्यक्ष के नामों की घोषणा कर सकती है। सूत्रों की मानें तो भाजपा इसी महीने सितंबर में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा कर देगी या फिर बिहार चुनाव के बाद ही इसका अधिकारिक ऐलान होगा।
हालांकि, आरएसएस हमेशा से यह दावा करता आया है कि भाजपा या सरकार के कामकाज में उसका सीधा हस्तक्षेप नहीं होता। फिर भी, यह सच है कि बड़े फैसलों में संघ की सहमति को अहमियत दी जाती है। अब जबकि दोनों के रिश्ते सामान्य होते दिख रहे हैं, कई नेताओं के नाम संभावित दावेदारों के तौर पर उभर रहे हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि भाजपा का नया अध्यक्ष कौन होगा? पार्टी के अंदरखाने से पांच बड़े मंत्रियों के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं। आइए इन दावेदारों पर एक नजर डालते हैं।
भाजपा अध्यक्ष की रेस में सबसे आगे शिवराज सिंह चौहान का नाम है, जो फिलहाल केंद्र सरकार में मंत्री हैं और संगठन के साथ भी गहरे रिश्ते रखते हैं। इसके अलावा नितिन गडकरी की छवि भी बड़े कद के नेता की रही है और उनके नाम की चर्चा लगातार अंदरखाने हो रही है।
इसी तरह, पूर्व हरियाणा मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी दावेदारी की कतार में हैं। वहीं, धमेन्द्र प्रधान और भूपेंद्र यादव जैसे संगठन में लंबे समय से सक्रिय नेताओं के नाम भी दौड़ में बताए जा रहे हैं।
Next BJP President: इन 5 केंद्रीय मंत्रियों के बारे में जानिए?
1️⃣ शिवराज सिंह चौहान
मध्य प्रदेश के चार बार के मुख्यमंत्री रह चुके शिवराज सिंह चौहान, मौजूदा समय में केंद्र सरकार में मंत्री हैं। उन्हें भाजपा का सबसे जमीनी नेता माना जाता है। "मामा" के नाम से मशहूर शिवराज अपनी सादगी और जनसंपर्क की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। संगठन से उनका गहरा जुड़ाव है और संघ खेमे में भी उनकी मजबूत पकड़ है।
2️⃣ नितिन गडकरी
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भाजपा के सबसे अनुभवी चेहरों में से एक हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और कामकाज की पारदर्शिता के लिए वे लोकप्रिय हैं। गडकरी नागपुर से आते हैं, जो संघ का गढ़ है। माना जाता है कि संघ नेतृत्व उन पर खास भरोसा करता है।
3️⃣ मनोहर लाल खट्टर
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी रेस में माने जा रहे हैं। खट्टर मूल रूप से संगठन के आदमी रहे हैं और लंबे समय तक संघ से जुड़े रहे। उनके प्रशासनिक अनुभव और सादगीपूर्ण छवि ने उन्हें भाजपा नेतृत्व के लिए मजबूत दावेदार बना दिया है।
4️⃣ धर्मेंद्र प्रधान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की गिनती भाजपा के करिश्माई नेताओं में होती है। ओडिशा से आने वाले प्रधान पार्टी की संगठनात्मक राजनीति को अच्छी तरह समझते हैं। तेलंगाना से लेकर ओडिशा और झारखंड तक वे भाजपा को विस्तार देने में अहम भूमिका निभा चुके हैं।
5️⃣ भूपेंद्र यादव
राज्यसभा सांसद और मौजूदा केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव भाजपा में रणनीतिकार के तौर पर मशहूर हैं। वे संगठन में माहिर माने जाते हैं और चुनावी प्रबंधन में उनका कोई सानी नहीं है। राजस्थान से आने वाले यादव के नाम पर भी संघ और भाजपा दोनों ही सहमत हो सकते हैं।
अब क्या होगा?
भाजपा अक्सर ऐसे फैसले लेती है, जो राजनीतिक पंडितों को चौंका देते हैं। इसलिए यह कहना मुश्किल है कि अध्यक्ष की कुर्सी किसके हिस्से जाएगी। लेकिन इतना तय है कि संघ और भाजपा की सहमति बनने के बाद नया राष्ट्रीय अध्यक्ष ऐसा चेहरा होगा, जो संगठन और सरकार-दोनों को संतुलित रख सके।












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