BJP New President: भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में अब कितनी देरी, इन राज्यों में फंसा है पेच?
BJP New President: भारतीय जनता पार्टी (BJP) में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया उम्मीद से कहीं ज्यादा लंबी खिंच चुकी है। पार्टी के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले देश के कम से कम आधे यानी 19 संगठनात्मक राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों का चुनाव जरूरी है। लेकिन फिलहाल कई बड़े राज्यों में नए अध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया लंबित है, जिसकी वजह से राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व परिवर्तन टलता जा रहा है।
बीजेपी के कुल 37 संगठनात्मक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं। पिछले साल सितंबर में शुरू हुए सदस्यता अभियान के साथ ही संगठनात्मक चुनावों की प्रक्रिया शुरू हुई थी। तब ऐसा अनुमान था कि जनवरी-फरवरी 2025 तक नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा हो जाएगी। लेकिन उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, ओडिशा और पंजाब जैसे बड़े राज्यों में नए अध्यक्ष की नियुक्ति में देरी ने इस प्रक्रिया को बाधित कर रखा है।

BJP Next President: यूपी,एमपी के प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव में देरी की वजह से फंसा है पेच!
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व चाहता है कि पहले इन प्रमुख राज्यों में नया नेतृत्व स्थापित किया जाए ताकि राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव सुचारु रूप से किया जा सके। उत्तर प्रदेश में भूपेंद्र सिंह चौधरी, मध्य प्रदेश में वीडी शर्मा और कर्नाटक में बीवाई विजयेंद्र फिलहाल प्रदेश अध्यक्ष पद पर हैं।
यूपी और एमपी में तो नए चेहरों की संभावना जताई जा रही है, लेकिन कर्नाटक में विजयेंद्र को पद पर बनाए रखने की चर्चा है, क्योंकि वे नवंबर 2023 में ही नियुक्त किए गए थे।
BJP National President: वक्फ बिल पर बहस के दौरान संसद में भी उठ चुका है मुद्दा
भाजपा अध्यक्ष के चुनाव में हो रही इस देरी पर विपक्ष ने भी निशाना साधा है। वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान लोकसभा में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज भरे अंदाज में कहा था कि भाजपा खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहती है, लेकिन अब तक अपना अध्यक्ष भी नहीं चुन पाई है।
इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने पलटवार करते हुए कहा कि, 'कुछ पार्टियों में अध्यक्ष चुनने का काम सिर्फ एक परिवार के पांच लोग करते हैं, इसलिए वह जल्दी हो जाता है। लेकिन हमारे यहां करोड़ों कार्यकर्ता होते हैं, इसलिए हमें प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।'
BJP New President: पीएम मोदी के नागपुर दौरे को लेकर भी लग चुकी हैं अटकलें
दिलचस्प बात यह भी है कि प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी पिछले महीने की 30 तारीख को पहली बार नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय पहुंचे थे। इस दौरे को लेकर यह अटकलें भी तेज हो गई थीं कि उन्होंने संघ नेतृत्व से भावी राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर चर्चा की होगी। चूंकि आरएसएस भाजपा का वैचारिक संगठन है, इसलिए आमतौर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे बड़े फैसलों में संघ की राय अहम मानी जाती है।
BJP New President: अब बेंगलुरु में होने वाली बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद की बैठक पर नजर
इस बीच, भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद (BJP National Executive Council Meet
) की बैठक इसी महीने 18 तारीख से बेंगलुरु में होने जा रही है। माना जा रहा है कि तब तक अध्यक्ष चुनाव की औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी और पार्टी को जेपी नड्डा की जगह कोई नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है।
हालांकि पार्टी के कुछ अंदरूनी सूत्रों ने वनइंडिया से बातचीत में कहा है कि नड्डा ने तकनीकी रूप से अभी दो पूर्ण कार्यकाल पूरे नहीं किए हैं, इसलिए उन्हें एक बार फिर मौका दिया जा सकता है।
कुल मिलाकर, भाजपा में संगठनात्मक बदलावों की प्रक्रिया फिलहाल कुछ बड़े राज्यों में अटकी हुई है और जब तक यूपी, एमपी, कर्नाटक जैसे बड़े राज्यों में स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर मुहर लगना मुश्किल नजर आ रहा है।
सभी की नजर अब 18 अप्रैल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक पर टिकी है, जहां शायद पार्टी इस पहेली को सुलझा दे। (इनपुट-पीटीआई)












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