नाथूराम गोडसे को 'देशभक्त' कहने पर प्रज्ञा ठाकुर को रक्षा मामलों की समिति से हटाया गया
नई दिल्ली। मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी और भोपाल से बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर को रक्षा मंत्रालय की समिति से हटा दिया गया है। उनपर यह फैसला नाथूराम गोडसे को 'देशभक्त' कहने के संदर्भ में लिया गया है। बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रज्ञा ठाकुर के बयान की निंदा की है और कहा है कि बीजेपी कभी भी इस तरह के बयान या विचारधारा का समर्थन नहीं करती।
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आपको बता दें कि रक्षा मंत्रालय की इस कमेटी में कुल 21 सदस्य हैं, जिनमें से साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का भी नाम था। इस कमेटी में चेयरमैन राजनाथ सिंह के अलावा फारुक अब्दुल्ला, ए राजा, सुप्रिया सुले, मीनाक्षी लेखी, राकेश सिंह, शरद पवार, जेपी नड्डा जैसे गणमान्य लोग भी शामिल हैं।
क्या था प्रज्ञा ठाकुर का बयान
प्रज्ञा ठाकुर ने बुधवार को लोकसभा में चर्चा के दौरान महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया था। इसपर विपक्ष ने जब हंगामा किया तो प्रज्ञा ठाकुर ने उन्हें टोकटे हुए कहा कि आप एक 'देशभक्त' का उदाहरण नहीं दे सकते।
इसके अलावा प्रज्ञा ठाकुर ने लोकसभा में कहा- एंडरसन (1984 में हुए भोपाल गैस कांड के दौरान यूनियन कार्बाइड कॉर्पोरेशन का चेयरमैन-सीईओ) एक आतंकवादी के तौर पर आया था। एक विदेशी आया। उसने हजारों लोगों को मार दिया। आज तक कई लोग उसके प्रभाव से जूझ रहे हैं। कांग्रेस ने उसे भागने में मदद की। यह आतंकवाद है।












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