2019 से पहलेे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में भाजपा के लिए खतरे की घंटी, 65 में से 34 सीटों पर मिल सकती है हार

नई दिल्ली। पांच राज्यों के चुनाव नतीजे आने के बाद अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच मंथन का दौर शुरू होने वाला है। जिस तरह से कांग्रेस ने तीन भाजपा शासित राज्यों में जबरदस्त वापसी की है उसने ना सिर्फ भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की चिंता को बढ़ा दिया है बल्कि पार्टी को इस बात पर भी सोचने को मजबूर कर दिया है कि अगले वर्ष उसकी चुनावी रणनीति क्या होगी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को की नेतृत्व क्षमता को लेकर भाजपा का शीर्ष नेतृत्व हमेशा से ही सवाल खड़ा करता रहा था, लेकिन तीन राज्यों के चुनाव नतीजों ने देश के सियासी हालात में बड़ा बदलाव किया है।

क्या है तीनों राज्यों की स्थिति

क्या है तीनों राज्यों की स्थिति

तीनों राज्यों में लोकसभा की कुल मिलाकर 65 सीटें हैं। राजस्थान में 25, मध्य प्रदेश में 29 और छत्तीसगढ़ में 11 लोकसभा सीटें हैं। 2014 में राजस्थान में भाजपा ने सभी सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस खाता भी नहीं खोल पाई थी। मध्य प्रदेश में भाजपा ने 27 सीटों पर जीत दर्ज की थी जबकि कांग्रेस के पास सिर्फ 2 सीटें आई थी। वहीं छत्तीसगढ़ में 11 में से 10 सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी और कांग्रेस के पास सिर्फ एक ही सीट आई थी। ऐसे में अगर तीन राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों को बानगी माना जाए तो भाजपा को अगले लोकसभा चुनाव में इन तीनों राज्यो की कुल 65 सीटों में से 34 सीटों पर हार का सामना करना पड़ सकता है।

भाजपा को हो सकता है बड़ा नुकसान

भाजपा को हो सकता है बड़ा नुकसान

जिस तरह से तीन राज्यों में कांग्रेस ने वापसी की है अगर उसी तरह से 2019 के चुनाव में भी कांग्रेस ने प्रदर्शन किया तो भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लग सकता है। दरअसल हिंदी भाषी राज्यों में भाजपा ने 2019 के चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया था। लेकिन मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनावी नतीजों पर नजर डालें और अगर इसी ट्रेंड पर मतदान हुए तो भाजपा को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। पार्टी को सबसे बड़ा झटका छत्तीसगढ़ में देखने को मिल सकता है। यहां कुल 11 सीटों में से भाजपा को सिर्फ 1 सीट पर जीत हासिल होगी

 राजस्थान, एमपी में जाएंगी 22 सीटें

राजस्थान, एमपी में जाएंगी 22 सीटें

वहीं राजस्थान और मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां भी अगर विधानसभा चुनाव की तर्ज पर वोटिंग हुई तो भाजपा को नुकसान उठाना पड़ सकता है। राजस्थान में भाजपा को 17 सीटों पर, मध्य प्रदेश में 13 सीटों पर जीत मिलेगी। जबकि 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा को राजस्थान में 25 सीटें और मध्य प्रदेश में 27 सीटों पर जीत मिली थी। इस लिहाज से दोनों ही राज्यों में पार्टी को कुल मिलाकर 22 सीटों का नुकसान हो सकता है। गौर करने वाली बात यह है कि छत्तीसगढ़ में 2014 के चुनाव में भाजपा को 10 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि कांग्रेस के खाते में सिर्फ एक सीट गई थी।

छत्तीसगढ़ में होगा भारी नुकसान

छत्तीसगढ़ में होगा भारी नुकसान

अगर विधानसभा चुनाव की ही तर्ज पर इन तीनों राज्यों में लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान हुए तो छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को 10 सीटों पर जीत मिलेगी। जबकि राजस्थान में कांग्रेस को 12 और मध्य प्रदेश में भी 12 सीटों पर जीत मिलेगी। वहीं 2014 में कांग्रेस को राजस्था एक भी सीट पर जीत नहीं मिली थी, जबकि मध्य प्रदेश में पार्टी को सिर्फ दो सीटों पर जीत मिली थी। इस लिहाज से आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की जबरदस्त वापसी होने के आसार दिखते हैं।

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