भाजपा का संकल्प पत्र vs कांग्रेस का 'हम निभाएंगे'.
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नई दिल्ली। जिसका इंतज़ार था वह घड़ी आ गई. भाजपा ने संकल्प पत्र (घोषणा पत्र) जारी कर दिया है. संकल्प पत्र जारी करने के संबोधन भाषण में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि यह संकल्प पत्र मोदी जी के नेतृत्व में सम्पूर्ण विकास का लक्ष्य हासिल करेगा.
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने करोड़ों लोगों के मन की बात इस संकल्प पत्र में शामिल होने की बात कही है जिसमें 75 संकल्पों को 12 श्रेणियों में रखा गया है.
पूर्व में कांग्रेस पार्टी ने 'हम निभाएंगे' नाम से अपना घोषणापत्र जारी किया है. 'अब होगा न्याय' पार्टी के घोषणापत्र का थीम है. इसमें रोजगार, उद्योग, आधारभूत ढांचा , ग्रामीण विकास, शहर-शहरीकरण और शहर नीति, कृषि, किसान और कृषि श्रमिक, न्याय (न्यूनतम आय योजना) आदि को प्रमुखता दिया गया है और पार्टी इन मुद्दों पर फोकस रख कर जनता के बीच गई है.

इसी क्रम में उन्होंने किसान बजट लाने की बात कही है. सत्ता में आने पर मार्च 2020 तक 22 लाख सरकारी रिक्त पदों की भर्ती भी करेगी. मनरेगा में 150 दिन काम की गारंटी, शिक्षा पर बजट का छह प्रतिशत खर्च करने की योजना, महिलाओं को नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण, युवाओं को स्टार्टअप के लिए 3 साल तक अनुमति नहीं लेने की छूट, प्रोन्नति में आरक्षण के लिए संविधान संशोधन, धारा 370 को बनाये रखने का वादा, जीएसटी को व्यवहारिक बनाया जाना आदि आकर्षक बातें समाहित हैं.
राहुल गांधी ने कहा है कि वो अपना वादा निभाएंगे और भारत की जनता को काम, दाम, सुशासन, स्वाभिमान और सम्मान दिलाएंगे.
वहीं भाजपा के शुरुआत के 15 संकल्प में राष्ट्रवाद का मुद्दा चरम पर है. एक बार फिर भाजपा ने राष्ट्रवाद के मुद्दे के उभार पर जनता के बीच जाना तय किया है . पूर्व में भाजपा के नेताओं के बयान और भाषण से ऐसा लग भी रहा था कि भाजपा इस मुद्दे को प्राथमिकता देगी. प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा है कि वो और उनकी पार्टी राष्ट्रवाद के मुद्दे को कभी भी छोड़ नहीं सकते हैं.
धारा 370 और धारा 35 A के लिए जनसंघ की प्रतिबद्धता दुहराई है. राम मंदिर के मुद्दे पर संभावना तलाशने की बात कही है. आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस , रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया को बढ़ावा, 60 वर्ष की उम्र के बाद पेंशन की योजना, क्रेडिट गारंटी योजना, भारतमाला 2.0 जिसमें सभी बसावटों को खुले में शौच मुक्त का दर्जा , 50 शहरों में एक मजबूत नेटवर्क, सड़क नेटवर्क आदि परियोजना शामिल है, की बात प्रमुख रूप से शामिल है.

सैनिकों का कल्याण, पुलिस बल का आधुनिकीकरण, स्वस्थ्य भारत, सार्वजनिक सेवाओं की समयबद्ध आपूर्ति, उद्यमियों को बिना किसी सिक्योरिटी के 50 लाख तक का ऋण, सबके लिए शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, समावेशी विकास, समान नागरिक संहिता , प्रवासी भारतीयों के बीच पारस्परिक संवाद को बढ़ावा देने के लिए 'भारत गौरव' की शुरुआत जैसे लुभावने बिंदु भी शामिल किए हैं.
कुल मिलाकर देखें तो भाजपा का संकप्ल पत्र राष्ट्रवाद के मुद्दे पर आक्रामक है. कांग्रेस के धारा 370 पर भाजपा का पलटवार है. हालांकि भाजपा ने अपने पिछले 2014 के संकल्प पत्र पर बात नहीं की है जिसमें इन मुद्दों के साथ साथ कालाधन, बेरोजगारी, किसान आदि मुद्दे तब भी प्रमुखता से थे. वही कांग्रेस ने अपने इस घोषणापत्र में समावेशी विकास के बात को तरजीह दी है.अब देखना है की जनता को भाजपा का आक्रामक 'संकल्प पत्र' और कांग्रेस के घोषणापत्र 'हम निभाएंगे' में से कौन अपनी ओर ज्यादा आकर्षित करती है.












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