ललित मोदी का जलजला-भाजपा लीडरशिप के छूटे पसीने

नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) ललित मोदी से रेवड़ियां खाने में राजस्थान की चीफ मिनिस्टर वसंधुरा राजे का नाम भी आने के बाद भाजपा लीडरशिप के हाथ-पांव फूलने लगे हैं। पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के उनसे संबंधों के कारण भाजपा निशाने पर है विपक्ष के। अब एक मुख्यमंत्री फंस रहीं हैं। जाहिर है, भाजपा लीडरशिप परेशान तो है।

भाजपा अपने को इस ताजा जलजले से किस तरह से निकाल सकती है, इस मसले पर विभिन्न कोणों से बातचीत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से मिल सकते हैं। [ललित मामला : ईडी की सिफारिश पर सर्वोच्च न्यायालय जाएगा मंत्रालय]

इनमें आगे की रणनीति पर बात हो सकती है। हालांकि अभी तक तो भाजपा कुल मिलाकर सुषमा स्वराज के साथ खड़ी दिखती है, पर उसका सिंधिया को लेकर स्टैंड साफ नहीं है। मुमकिन है कि सिंधिया से इस मौके पर इस्तीफा तो ना मांगा जाए पर उन्हें कसा जा सकता है। बैठक प्रधानमंत्री आवास या फिर प्रधानमंत्री कार्यालय में होगी। [मोदी नगर को याद है ललित मोदी का गुस्सा]

इमेज प्रभावित

भाजपा के एक नेता ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा कि ललित मोदी से पार्टी की दो शिखर नेताओं के कथित संबंधों के कारण पार्टी की इमेज बुरी तरह से प्रभावित हुई है। योग दिवस और बिहार चुनाव से पहले इस तरह की स्थिति पार्टी कतई नहीं चाहती थी।

एक्शन नहीं

माना जा रहा है कि उक्त बैठक में भाजपा के अंदर आस्तीन के सांप कहने वाले कीर्ति आजाद और चिर असंतुष्ट शत्रुधन सिन्हा पर अभी कोई एक्शन की बात नहीं होगी। पार्टी अभी अपने को और फंसाने के मूड में नहीं है। हालांकि भाजपा के कुछ नेताओं ने आजाद और सिन्हा से मिलकर उन्हें चुप रहने के लिए कहा है। कहा है कि वे पार्टी अनुशासन को ना तोड़ें।

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