बीजेपी नेता ने नवजोत सिंह सिद्धू को बता दिया 'सरकारी खजाने पर बोझ', राज्यपाल से कहा- आज तक दफ्तर नहीं पहुंचे हैं
नई दिल्ली। पंजाब में बीजेपी नेता तरुण चुग ने कांग्रेस के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ राज्यपाल को शिकायती चिट्ठी लिखी है। उन्होंने कहा कि सिद्धू ने मंत्री पद की शपथ तो ले ली है और वह मंत्री के रूप में मिलने वाली सैलरी और भत्तों का पूरा मजा ले रहे हैं लेकिन उन्होंने कार्यभार अभी तक नहीं संभाला है। चिट्ठी में सिद्धू और सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच के विवाद का भी जिक्र किया गया और कहा गया कि इस विवाद ने संवैधानिक संकट पैदा कर दिया है। बता दें कि सिद्धू हमेशा ही किसी न किसी विवाद में घिरे रहते हैं और विपक्ष के निशाने पर आते रहते हैं।

'सिद्धू काम नहीं करना चाहते तो किसी और को दें विभाग'
तरुण ने अपनी चट्ठी में राज्यपाल से अपील की है कि वे पंजाब के हित में कोई फैसला करें। अगर मंत्री काम नहीं करना चाहते हैं तो कोई और उनकी जगह पर विभाग देखे. इसके साथ ही अगर वह बिना काम के सैलरी उठा रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।' बता दें कि सिद्धू को पहले शहरी निकाय के साथ पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले का विभाग सौंपा गया था जिसे बाद में बदल दिया गया।
'सरकारी खजाने पर बोझ बन गए हैं सिद्धू'
चुग ने अपनी चिट्ठी में लिखा कि सिद्धू के काम पर न उपस्थित होने के चलते विभाग की कार्यकुशलता प्रभावित हो रही है। वे बिना किसी सरकारी कामकाज के सरकारी सुविधाओं का गलत ढंग से प्रयोग कर रहे हैं और सरकारी खजाने पर बोझ बन गए हैं। उन्होंने आगे लिखा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि सरकारी का कोई मंत्री खुलेआम मुख्यमंत्री के आदेशों का पालन करने से साफ मना कर रहा है और अपने विभाग की जिम्मेदारी नहीं ले रहा। विभाग में उनकी अफसरशाही से जनता त्राहि त्राहि कर रही है।

मंत्रालय बदले जाने से नाराज हैं सिद्धू
दरअसल इस समय सिद्धू अपना मंत्रालय बदले जाने के काफी नाराज चल रहे हैं। पहले उन्हें शहरी निकाय के साथ पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले का विभाग सौंपा गया था लेकिन 6 जून को ये विभाग उनसे वापस लेकर उन्हें उन्हें ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग का प्रभार सौंप दिया गया। यही कारण है कि उनके विभाग के आगे उनके नाम की तख्ती तो लगी है लेकिन वे अभी तक नहीं आए हैं। सिद्धू से विभाग वापस लेते हुए मुख्यमंत्री अमरिंदर ने उनके खराब प्रदर्शन को वजह बताया था। इसके बाद से दोनों के बीच का तनाव जगजाहिर हो गया है।

सुनसान पड़ा है बिजली मंत्रालय का दफ्तर
बता दें कि गर्मियों के दिनों में शिकायतों के चलते बिजली विभाग का दफ्तर भरा रहता है और काफी हलचल रहती है लेकिन इन दिनों से दफ्तर सुनसान पड़ा हुआ है। आम लोगों के लिए डली कुर्सियां खाली हैं और मंत्री के दफ्तर का दरवाजा बंद है। सिद्धू के इस रवैये के चलते विपक्ष को बैठे बिठाए एक मुद्दा हाथ लग गया है और कांग्रेस के किरकिरी झेलनी पड़ रही है।
यह भी पढ़ें- नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ अमरिंदर सिंह ले सकते हैं बड़ा एक्शन, आलाकमान को दी जानकारी












Click it and Unblock the Notifications