प्रियंका के "अच्छे असर" को कम करने के लिए हाथ-पैर मार रही है भाजपा
नई दिल्ली। प्रियंका गांधी वाड्रा ने 13 मई को मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र की 3 सीटों पर अपनी छाप छोड़ने की कोशिश की। उन्होंने उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन और विशेष पूजना अर्चना की। रतलाम में एक आम सभा को संबोधित किया और इंदौर में एक रोड शो किया। इंदौर का रोड शो करीब 92 मिनिट चला। इसी में उन्होंने भाषण भी दिया और मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए हर संभव प्रयास किए। भाजपा को लगता है कि प्रियंका गांधी वाड्रा की इस यात्रा का मतदाताओं पर असर हो सकता है। उस असर को कम करने के लिए मंगलवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिस मार्ग से प्रियंका गांधी की रैली निकली थी, वहां पूजा-पाठ की और रैली मार्ग की शुरुआत में शहीद भगतसिंह की उस प्रतिमा का शुद्धिकरण किया, जहां माल्यार्पण के बाद प्रियंका ने रैली शुरू की थी। इसमें भाजपा के सिख समुदाय के लोग शामिल हुए और प्रियंका गांधी को 1984 में हुए दंगों के लिए जिम्मेदार राजीव गांधी की बेटी के रूप में दोषी करार दिया। भाजपा नेताओं ने उनके खिलाफ कोई सभा तो नहीं की, लेकिन इस तरह की बातें जरूर प्रचारित की कि अगर केवल सिख होने से ही किसी की जिंदगी खतरे में पड़ी, तो प्रियंका गांधी को भी राजीव गांधी की बेटी होते हुए दंगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी घोषित करनी चाहिए। एक मायने में उन्हें सिखों की हत्या का दोषी करार दिया गया।

प्रियंका गांधी वाड्रा लाल साड़ी पहनकर रैली में शामिल हुई थी
प्रियंका गांधी वाड्रा लाल साड़ी पहनकर रैली में शामिल हुई, उन्होंने मुस्कुराते हुए अभिनंदन स्वीकार किया। एयरपोर्ट के करीब ही एक चौराहे पर कुछ नौजवानों को मोदी-मोदी का नारा लगाते देख प्रियंका ने काफिला रुकवाया, खुद पैदल चलकर उन युवकों के पास पहुंची और उन्हें बेस्ट ऑफ लक कहा। मुस्कुराते हुए प्रियंका ने यह भी कहा कि आप अपनी जगह, मैं अपनी जगह। गुड लक टू ऑल ऑफ यू। एक नौजवान प्रियंका के काफिले के सामने खड़ा होकर सेल्फी खिंचवाना चाहता था। प्रियंका ने उसे अपने वाहन पर बुलाया, उसके हाथ से मोबाइल लिया और खुद सेल्फी क्लिक करके मोबाइल उसे थमा दिया। प्रियंका की ये स्टाइल मतदाताओं पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ती गई।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखे आरोप लगाए
रतलाम और इंदौर में अपने भाषण में प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मोदी यानी मनमानी। उन्होंने सीधे-सीधे मोदी को तानाशाह नहीं कहा, लेकिन यह जरूर कह दिया कि प्रधानमंत्री हर जगह अपनी मनमानी करते है। उन्होंने बिना सोचे नोटबंटी की और बिना तैयारी के जीएसटी लागू करवाया, जिस कारण लोग भारी परेशानी में फंस गए। प्रियंका ने कहा कि नोटबंदी के दौरान जब उनके भाई राहुल बैंक की लाइन में लगे, तब उनका खूब मजाक उड़ाया गया। राहुल गांधी जनता का दर्द समझते हैं। राफेल डील पर भी राहुल की तरह ही प्रियंका ने भी बातें की। उन्होंने कहा कि मोदी कहते थे कि भ्रष्टाचार खत्म करेंगे, फिर 30 हजार करोड़ का राफेल घोटाला किसने कराया। क्या प्रधानमंत्री मोदी खुद रक्षा विशेषज्ञ है, जो उन्होंने तय कर लिया कि एक ऐसी कंपनी जंगी जहाज बनाएगी, जिसने आज तक कभी कोई विमान नहीं बनाया। एचएएल जैसी सरकारी कंपनी को एक तरफ कर दिया गया।

प्रियंका ने उसी जगह रोड शो किया जहां 29 साल पहले राजीव गांधी ने किया था
प्रियंका गांधी ने बातों-बातों में इंदिरा गांधी का जिक्र भी किया और कहा कि मैंने दिल्ली की सत्ता और इंदिरा जी को बहुत करीब से देखा है। इसलिए मैं यह बात दावे से कह सकती हूं कि जिसको भी सत्ता का अहंकार हो जाए, उसका भविष्य जनता तय कर देती है। हमारे प्रधानमंत्री कभी पब्लिक से नहीं मिलते। उन्हें समझ ही नहीं है कि जनता पर क्या बीत रही है। किसानों की आमदनी 5 साल में दोगुनी करने की बात थी, क्या किसानों की आमदनी दोगुनी हुई। प्रियंका गांधी की सभा और रैली का कार्यक्रम कांग्रेस ने सोच-समझकर किया था। इंदौर में जिस जगह प्रियंका का रोड शो हुआ। 29 साल पहले उसे स्थान पर राजीव गांधी का रोड शो हुआ था। विधानसभा चुनाव के पहले राहुल गांधी का रोड शो भी उसी मार्ग पर हुआ था। यह इलाका भाजपा का गढ़ माना जाता है। विधानसभा चुनाव में राहुल के रोड शो का असर नजर आया था। प्रियंका का रोड शो 92 मिनट तक चला और मुख्यमंत्री कमलनाथ उनके साथ लगातार बने रहे।

इंदौर सीट पर भाजपा को कड़ी टक्कर दे रही है कांग्रेस
लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में मालवा निमाड़ की 8 सीटों पर भी मतदान होना है। रतलाम में कांग्रेस ने पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व मंत्री कांतिलाल भूरिया को उम्मीदवार बनाया है। भूरिया का गांधी परिवार से गहरा संपर्क है। उन्हें लगता है कि प्रियंका की सभा से मतदाता प्रभावित होंगे और कांग्रेस की सीट जीतना आसान होता है। उज्जैन और इंदौर में भाजपा लगातार जीतती चली आ रही है। विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस को लगता है कि इंदौर की सीट पर वह जीत सकती है। स्पीकर सुमित्रा महाजन को टिकट न मिलने से भी कांग्रेसजन उत्साहित है, क्योंकि उन्हें लगता है कि भाजपा के वर्तमान उम्मीदवार शंकर लालवानी को आराम से टक्कर दी जा सकती है।












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