भाजपा ने केजरीवाल का इस्तीफा मांगा, IAS संगठन ने आप सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के दो विधायक पर जिस तरह से दिल्ली के मुख्य सचिव के साथ धक्कामुक्की का आरोप लगा है उसके बाद भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का इस्तीफा मांगा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अपने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।

दिल्ली में संवैधानिक संकट
संबित पात्रा ने कहा कि भाजपा इस घटना की कड़ी निंदा करती है, दिल्ली में यह एक संवैधानिक संकट है। पहली बार हमने देखा है कि मुख्यमंत्री के इशारे पर मुख्य सचिव के साथ इस तरह की घटना हुई है, उनके साथ मारपीट हुई है। आम आदमी पार्टी और अराजकता एक ही शब्द बन गए हैं। इसका संविधान से कुछ भी लेना-देना नहीं है। एक तरफ जहां भाजपा ने इस घटना के बाद केजरीवाल का इस्तीफा मांगा है तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा कि इस घटना के बाद मुख्यमंत्री को माफी मांगनी चाहिए।
आईएएस असोसिएशन ने खोला मोर्चा
वहीं इस घटना के बाद दिल्ली के मुख्य सचिव अंशू प्रकाश की गृहमंत्री राजनाथ सिंह से दिल्ली में बैठक चल रही है। इस घटना के विरोध में दिल्ली में IAS असोसिएशन ने हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। दिल्ली एडमिनिस्ट्रेटिव सब ऑर्डिनेट सर्विसेज के अध्यक्ष डीएन सिंह ने कहा कि जबतक इस मामले में कार्रवाई नहीं होती है हम काम पर नहीं लौटेंगे। हम आज शाम को राजघाट पर कैंडल मार्च निकालेंगे। राजनाथ सिंह ने हमे भरोसा दिलाया है कि उन्होंने इस घटना की रिपोर्ट मांगी है।
घटना को भाजपा ने बताया आतंक
हालांकि, इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने सभी आरोपों से इनकार किया है। इस पूरे मामले पर दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा है कि मुझे यह लगता है मुख्य सचिव के साथ हुई मारपीट पूर्व नियोजित थी। मुख्य सचिव को 12 बजे रात में बुलाने की क्या जरूरत थी? इस हिंसक घटना की शीर्ष स्तर पर जांच होनी चाहिए। केजरीवाल सरकार को बैठक से जुड़ी सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करनी चाहिए। ये एक तरह का आतंक है।'












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