केजरीवाल ने SC के फैसले पर उठाए सवाल तो बीजेपी-कांग्रेस ने क्या कहा?
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार बनाम एलजी मामले में सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एके सीकरी की अगुवाई वाली बेंच ने गुरुवार को अपना फैसला सुनाया जिसके बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने इस फैसले पर सवाल उठाए थे। केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को जनता और लोकतंत्र के खिलाफ बताया। वहीं, अरविंद केजरीवाल के इस बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस ने उनपर हमले किए। बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि यकीन नहीं होता कि लोकतांत्रिक प्रकिया से चुना गया सीएम सुप्रीम कोर्ट के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर सकता है। पात्रा ने कहा कि केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट की अवमानना की है।

बीजेपी ने अरविंद केजरीवाल पर बोला हमला
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि वह हमेशा अराजकता फैलाते रहे हैं। वे संविधान को दांव पर लगाकर नियमों के साथ अक्सर छेड़छाड़ करते रहते हैं। जबकि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस और अरविंद केजरीवाल को संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं है। वे निर्वाचन आयोग की आलोचना करते हैं, कैग से लेकर सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाते हैं। वे केवल शासन करना चाहते हैं और लूट मचाना चाहते हैं।
लड़ाई इस समस्या का हल नहीं- शीला दीक्षित
जबकि अरविंद केजरीवाल के बयान पर पूर्व सीएम शीला दीक्षित का बयान भी आया। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत दिल्ली को अधिकार मिले हैं। केंद्र, गृह मंत्रालय और एलजी बहुत से मामलों को कंट्रोल करते हैं। इसलिए लड़ाई इस समस्या का हल नहीं है। अगर जरूरत है तो चीजों में बदलाव कीजिए। आपके पास कितनी सीटें हैं, यहां अधिकार इस आधार पर निर्भर नहीं करता है।
केजरीवाल ने उठाए थे सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को जनता और लोकतंत्र के खिलाफ बताया। केजरीवाल ने कहा कि जब उनके पास किसी तरह का अधिकार ही नहीं होगा तो वे दिल्ली में सरकार किस तरह से चलाएंगे। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि, मुख्यमंत्री के पास एक चपरासी को भी ट्रांसफर करने की पावर नहीं है, यह गलत जजमेंट है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी को 3 सीट मिली उसके पास ट्रांसफर-पोस्टिंग का पावर होगा। ये कैसा जनतंत्र है। ये कैसा ऑर्डर है।












Click it and Unblock the Notifications