तस्वीरों में: दिल्ली में बीजेपी के सीएम उम्मीदवार हर्षवर्धन का राजनीतिक सफर
नयी दिल्ली। लंबे समय से चल रहे खींचातान और किरकिरी के बाद आखिरकार बीजेपी हाईकमान ने दिल्ली में अपने सीएम उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी है। विजय गोयल को किनारा कर पार्टी ने डॉ हर्षवर्धन को बीजेपी का मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाया है। हर्षवर्धन के नाम की घोषणा के साथ ही विजय गोयल की उम्मीदवारी खत्म हो गई है। बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में इसकी घोषणा की गई। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने हर्षवर्धन को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के बाद उन्हें बधाई दी।
हलांकि हर्षवर्धन राजनीति में लंबे समय से कार्यरत रहे है, लेकिन मीडिया से उनकी दूरी के कारण बहुत से लोग उनकी शख्सियत के बारे में नहीं जानते है। 1993 से दिल्ली की राजनीति में सक्रिय रहे हर्षवर्धन के माथे पर सबसे बड़ा श्रेय पोलियो उन्मूलन अभियान चलाने का है। दिल्ली बीजेपी के लिए डॉ हर्षवर्धन का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। पूर्वी दिल्ली की कृष्णानगर सीट से विधायक हर्षवर्धन इस सीट से लगातार चार बार जीत दर्ज कर चुके हैं। नीचे तस्वीरों में देखें कौन है बीजेपी के सीएम उम्मीदवार हर्षवर्धन?

पेशे से डॉक्टर है हर्ष
दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हर्षवर्धन पेशे से डॉक्टर है। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और फिर एमएस किया और ईएनटी में स्पेशलाइजेशन किया। दिल्ली में ईएनटी सर्जन के तौर पर वो दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के सचिव से लेकर अध्यक्ष पद तक कार्य कर चुके है। 1994 में उन्हें आईएमए स्पेशल प्रेसिंडेंट अवार्ड भी मिले।

1993 में पहुंचे विधानसभा
1993 में दिल्ली के कृष्णानगर से जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंचे। उन्हें दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी मिली।

2008 में बनें बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष
2008 में विधानसभा चुनावों के वक्त हर्षवर्धन बीजेपी अध्यक्ष थे। हर्षवर्धन की छवि साफ सुथरे और ईमानदार नेता की है।

आरएसएस के करीबी
हर्षवर्धन को बीजेपी का मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाए जाने का फैसला पार्टी के साथ-साथ संघ का भी है। हर्षवर्धन के नाम पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और नरेंद्र मोदी की सहमति थी। हर्षवर्धन राष्ट्रीय स्वयं संघ के पुराने कार्यकर्ता रहे हैं।

बीजेपी सरकार में बने कानून मंत्री
हर्षवर्धन बीजेपी सरकार में स्वास्थ्य और कानून मंत्री रहे। 1996 में उन्हें शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली। हर्षवर्धन ने ही सबसे पहले दिल्ली में पोलियो रोकने के कार्यक्रम की शुरुआत की थी।

पोलियो के लिए मिला सम्मान
पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम के लिए हर्षवर्धन ने बतौर स्वास्थ मंत्री रहते हुए बेहतरीन काम किए है। दिल्ली में पोलियों उन्मूलन कार्यक्रम की कामयाबी को देखते हुए केंद्र सरकार ने पोलियो पर हर्षवर्धन मॉडल ही पूरे देश में लागू किया। पोलियो कार्यक्रम की कामयाबी पर हर्षवर्धन को 1998 में विश्व स्वस्थ्य संगठन से भी सम्मान मिल चुका है। पोलियो कार्यक्रम पर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भी हर्षवर्धन की तारीफ कर चुके हैं।

कभी नहीं हारे चुनाव
बीजेपी के सीएम उम्मीदवार हर्षवर्धन 1993 से दिल्लरी की राजनीति में सक्रिय है, लेकिन अब तक वो कई भी चुनाव नहीं हारे है। 1993, 1998, 2003 और 2008 में वो हर बार उसी विधानसभा सीट से जीतते रहे। ऐसे में बीजेपी को उम्मीद है कि हर्ष उन्हें दिल्ली की सत्ता दिलाकर अपनी जीत का सिलसिला जारी रखेंगे।












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