राजस्थान और एमपी में बीजेपी ने बदली रणनीति, एक हफ्ते कैंप करेंगे अन्य राज्यों के MLA,जानें क्या है प्लान?
इस साल के अंत में अन्य राज्यों के साथ राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी विधानसभा चुनाव होने हैं। इस चुनाव के लिए बीजेपी ने अबकी बार अपनी रणनीति में थोड़ा बदलवा किया है। जानकारी के मुताबिक सिर्फ स्थानीय यूनिट के भरोसे न रहकर उसने सही जमीनी हकीकत समझने के लिए दूसरे राज्यों के पार्टी विधायकों की सेवाएं लेने की तैयारी की है।
खासकर राजस्थान बीजेपी में गुटबाजी की खबरें हमेशा आती रही हैं। ऐसे में खबर है कि भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश की सभी 200 विधानसभा चुनाव क्षेत्रों में निष्पक्ष जमीनी फीडबैक जुटाने के लिए अन्य पांच राज्यों के विधायकों को भेजने का फैसला किया है।

अन्य राज्यों के विधायक करेंगे विधानसभा क्षेत्रों में प्रवास
ऐसी ही प्रक्रिया मध्य प्रदेश में भी अपनाई जा रही है। इन विधायकों से कहा गया है कि इसी महीने वे बताए गए विधानसभा क्षेत्रों में जाएं, एक हफ्ते तक वहां प्रवास करें, उसका दौरा करें और यह पता लगाएं कि क्या चीजें पार्टी के पक्ष में हैं और क्या इसके खिलाफ जा सकती हैं।
उम्मीदवारों की संभावनाओं की भी करेंगे तलाश
मसलन, बीजेपी से जुड़े लोगों कहना है कि राजस्थान में हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गुजरात के साथ-साथ उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के भी पार्टी एमएलए को इस व्यापक मुहिम के लिए तैनात किया गया है। इनसे पार्टी की सेंट्रल लीडरशिप ने कहा है कि उम्मीदवारों की जीतने की संभावनाओं के साथ-साथ जीतने वाले उम्मीदवारों की संभावनाएं भी तलाशें।
निष्पक्ष फीडबैक जुटाने के लिए बदली गई रणनीति
भाजपा नेताओं के मुताबिक केंद्रीय नेतृत्व की कोशिश है कि उसके पास जो जमीनी फीडबैक रिपोर्ट पहुंचे, वह पूरी तरह से निष्पक्ष हो। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि राजस्थान यूनिट से गुटबाजी की जानकारी आती रही है। इसलिए इन 200 एमएलए से कहा गया है कि वह बिना भेदभाव के सही ग्राउंड-रिपोर्ट सौंपें। इस तरह से इसमें स्थानीय नेताओं का किसी भी तरह से प्रभाव होने की संभावना नहीं रह जाएगी।
गुटबाजी से निपटने की कोशिश में बीजेपी!
दरअसल, राजस्थान बीजेपी में अभी भी दो बार सीएम रह चुकीं वसुंधरा राजे का खास दबदबा है। लेकिन, दूसरा खेमा ऐसा भी है जो चाहता है कि चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम और सामूहिक नेतृत्व के आधार पर लड़ा जाए। केंद्रीय नेतृत्व इसी सबसे निपटने के लिए वास्तविक स्थिति का पता लगाना चाहता है।
मध्य प्रदेश में भी दूसरे राज्यों से पहुंचेंगे पार्टी विधायक
वहीं प्रत्येक विधानसभा का फीडबैक लेने के लिए बीजेपी मध्य प्रदेश में भी यूपी, बिहार, गुजरात और महाराष्ट्र के विधायकों को भेज रही है। पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार ये विधायक सात-दिवसीय प्रवास पर आवंटित किए गए चुनाव क्षेत्रों में रहेंगे। यह मुहिम केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की ओर से तय गई रणनीति के तहत ही बताई जा रही है।
एमपी में भूपेंद्र यादव को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
जिन विधायकों को जिस भी विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी मिलेगी, वह पूरे हफ्ते उसका दौरा करेंगे और जमीनी हालात पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसमें उम्मीदवारों के बारे में आकलन तो किया ही जाएगा, साथ ही उन मुद्दों की भी तलाश होगी, जिन्हें चुनाव अभियान के दौरान उठाया जा सकता है। दूसरे राज्यों से आने वाले ये सारे विधायक अपनी रिपोर्ट प्रदेश के चुनाव-प्रभारी और केंद्रीय वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव को सौंपेंगे।
बीजेपी के अंदर चल रही इन तैयारियों की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक विधायकों की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट से प्राप्त फीडबैक का इस्तेमाल चुनावी मुहिम तैयार करने के समय किया जाएगा। पिछले महीने देशभर से जुटे पार्टी के विस्तारकों और बूथ समिति के नेताओं ने भी आने वाले चुनावों को ध्यान में रखकर पूरे प्रदेश का दौरा किया था। उन्होंने बूथ कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग भी दी थी और अगले चुनावों के लिए उन्हें अभी से सक्रिय करने की भी कोशिश करके गए थे।












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