त्रिपुरा में लेफ्ट को हटाकर सत्ता काबिज हुए थे बिपल्ब देब, जानें उनके बारे में सबकुछ
Biplab Deb
नई दिल्ली, 14 मई: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। बताया जा रहा है कि, बिप्लव देव को लेकर संगठन में नाराजगी चल रही है। इस्तीफा देने के बाद बिप्लब देब ने कहा, "पार्टी सबसे ऊपर है। मैंने पीएम मोदी के नेतृत्व और निर्देशन में पार्टी के लिए काम किया है। त्रिपुरा में करीब 25 साल के वामपंथी शासन को चुनाव में हराकर 2018 में बीजेपी राज्य की सत्ता में आई थी। आईए हम आपको बिपल्ब देब के बारे में बताते हैं।

त्रिपुरा में बीजेपी को सत्ता में लाने का श्रेय बिपल्ब को दिया जाता है
बीजेपी ने 2018 में यहां 25 साल से सत्तारूढ़ माणिक सरकार को बाहर कर दिया था। इस जीत का श्रेय बिपल्व देब को दिया गया है। बिपल्ब मूल तौर पर त्रिपुरा के प्राचीन शहर में उदयपुर से हैं। बिपल्व की शुरुआती स्कूली पढ़ाई लिखाई त्रिपुरा में हुई। इसके बाद ग्रेजुएशन की पढ़ाई त्रिपुरा यूनिवर्सिटी से करने के बाद वो आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली आ गए। बिप्लब देब आरएसएस के कार्यकर्ता रहे हैं।
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दिल्ली में उन्होंने प्रोफेशनल जिम इंस्ट्रक्टर के तौर पर भी काम किया। बिपल्ब कुमार अपनी फिटनेस को बनाये रखने के लिए नियमित रूप से जिम में जाया करते थे और यहीं पर उनकी मुलाकात नीति देब से हुई। नीति पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। यह पहली नजर का प्यार था और कुछ दिनों की बातचीत के बाद आपस मे शादी कर ली। नीति दिल्ली में संसद मार्ग पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एक ब्रांच में अधिकारी हैं। वो एक बेटे और एक बेटी के पिता हैं।

2 साल में बीजेपी को सत्ता पर काबिज कर दिया
नॉर्थ-ईस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खास दिलचस्पी थी, इसलिए साल 2014 में मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद बिप्लब देव को दिल्ली से त्रिपुरा भेज दिया, ताकि बीजेपी वहां अपनी पैठ जमा सके।बिप्लब देब को साल 2016 में बीजेपी ने राज्य का अध्यक्ष बनाया था। त्रिपुरा राज्य अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलते ही सिर्फ दो साल में ही उन्होंने बीजेपी के लिए राज्य में कायापलट कर दिया। वे पश्चिम त्रिपुरा की बनमाली सीट से विधायक है।

मोदी भी हो गए थे बिपल्ब के मुरीद
बिप्लब कैंपेनिंग में पीएम मोदी की जमकर तारीफ की और उन्हें अपना राजनीति गुरु करार दिया था। बिप्लब के लिए कैंपेनिंग करने बीजेपी के बड़े नेता त्रिपुरा तक पहुंचे थे। राज्य में आठ महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। दरअसल भाजपा ने त्रिपुरा में नेतृत्व बदलने का फैसला किया है। इसे 2023 से पहले राज्य में बड़ा फैसला माना जाता रहा है। विप्लब देब ने कल ही केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। मुलाकात में उन्हें पद छोड़ने के लिए कहा गया था।












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