Manipur सरकार ने शुरू किया म्यांमार से आने वाले अवैध शरणार्थियों का बायोमेट्रिक जांच अभियान
पिछले दो महीने से अधिक समय से मणिपुर हिंसा झेल रहा है। प्रदेश केकुकी और मैतई दो समुदायों के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम ही नही ले रहा है। वहीं शनिवार को मणिपुर सरकार ने जानकारी दी कि उसने राज्य में सभी अवैध म्यांमार अप्रवासियों के बायोमेट्रिक जांच का अभियान फिर से शुरू कर दिया है।

अवैध म्यांमर प्रवासियों की जांच का ये अभियान सितंबर 2023 तक पूरा हो जाएगा। राज्य सरकार ने शनिवार को बताया कि मणिपुर राज्य में अवैध म्यांमार अप्रवासियों के बायोमेट्रिक कैप्चर करने के लिए अभियान को पूरा करने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देश दिया।
गृह मंत्रालय के आदेश के बाद मणिपुर सरकार ने राज्य में सभी अवैध म्यांमार अप्रवासियों के बायोमेट्रिक कैप्चर के लिए अपना अभियान फिर से शुरू कर दिया NCRB टीम ने राज्य के अधिकारियों को इसके लिए ट्रेनिंग दी गई है।
सरकार ने बताया कि बॉयोमैटिेक जांच के बाद उनका पूरा डाटा यूआईडीएआई से जोड़ दिया जाएगा।
बता दें लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर ये अभियान तेज किया गया है ताकि विदेशी प्रवासी जो देश में दाखिल हो चुके हैं वो किसी भी तरीके से वोटर बनकर चुनावी प्रकिेया में हिस्सा ना ले सकें। गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद शनिवार को ये अभियान राज्य सरकार ने फिर से तेज कर दिया है।
शनिवार को सरकार की ओर से जारी की विज्ञप्ति के अनुसार राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अधिकारियों ने आज पहले दिन अधिकारियों को ट्रेनिंग दी। एनसीआरबी अधिकारियों ने शनिवार को इंफाल के ईस्ट जिले में अवैध प्रवासियों का बायोमैटिंग डेटा लेने में मणिपुर अधिकारियों की मदद की।
मणिपुर सरकार के अनुसार म्यांमार प्रवासियों का बायोमेट्रिक डेटा हासिल करने के लिए सितंबर 2023 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ये अभियान राज्य सरकार द्वारा राज्य के सभी जिलों, गांवों और कस्बों में चलाया जाएगा ताकि कोई भी अवैध म्यांमर छूट ना जाए।Opinion Poll: अभी लोकसभा चुनाव हुए तो कर्नाटक में भाजपा को कितनी मिलेगी सीटें, क्या बदलेगी तस्वीर












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