बिल गेट्स का दावा- कोरोना की वैक्सीन के लिए करना पड़ सकता है 2 साल का इंतजार
नई दिल्ली: पूरी दुनिया में कोरोना के 33 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। दुनिया के कई देश वैक्सीन बनाने में जुटे हैं लेकिन अभी तक उनको कोई कामयाबी नहीं मिली है। वहीं इन सब के बीच माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने दावा किया है कि कोरोना वायरस की वैक्सीन बनने में दो साल का वक्त लग सकता है। साथ ही जब तक वैक्सीन नहीं बन जाती तब तक लोगों की जिंदगी पटरी पर आना मुश्किल है। बिल गेट्स कोरोना की वैक्सीन बनाने वाली कई कंपनियों को आर्थिक मदद उपलब्ध करवा रहे हैं।

कई जगहों पर परिणाम आशाजनक
एक ब्लॉग में बिल गेट्स ने लिखा कि पूरी दुनिया तेजी से कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में जुटी है। डॉ. एंटोनी के मुताबिक अभी कोरोना की वैक्सीन बनाने में 18 महीने का वक्त लग सकता है। उन्होंने कहा कि मैं डॉ. एंटोनी से सहमत हूं। सब कुछ ठीक रहा तो वैक्सीन बनाने में 9 महीने से लेकर दो साल का वक्त लग सकता है। अगर वैक्सीन बनने में 18 महीने भी लगते हैं, तो ये जल्दी और तेज माना जाएगा। वहीं कोविड-19 की वैक्सीन पर 115 जगहों पर काम हो रहा है, जिसमें से 8-10 जगह के परिणाम आशाजनक हैं। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर वैज्ञानिक आरएनए और डीएनए की वैक्सीन पर काम कर रहे हैं, जिससे वो काफी उत्साहित हैं। वैक्सीन बनाना मुश्किल काम है, लेकिन हमें दूर कहीं आशा की किरण दिख रही है। बिल गेट्स के मुताबिक कोरोना की वैक्सीन बनाने में कोई वित्तीय समस्या नहीं है। सरकार और कई संस्थाओं ने साफ कर दिया है कि वो वैक्सीन खोजने में पूरी मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि हम तेजी से वैक्सीन बनाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं, लेकिन लोगों को इस मुश्किल घड़ी में प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

बिले गेट्स ने पहले ही की थी भविष्यवाणी
एक इंटरव्यू में गेट्स ने बताया था कि कुछ साल पहले हमने एक शो के दौरान भविष्यवाणी की थी कि आने वाले समय में एक वैश्विक महामारी दुनिया को प्रभावित करेगी। कोरोना वायरस में वास्तविक खतरा यह है कि यह लक्षण शुरू होने से पहले संक्रमित कर देता है। वे इस प्रकार के वायरस को सबसे खराब बताते हैं। बिल गेट्स ने यह साफ किया कि कोरोनो वायरस MERS या SARS से अधिक संक्रामक है, लेकिन उतना घातक नहीं है।

कई संस्थाओं को फंडिंग कर रहे बिल गेट्स
अमेरिका की एक छोटी सी बायोटेक फर्म को कोरोना वायरस की दूसरी वैक्सीन के क्लिनिकल टेस्टिंग की इजाजत मिल गई है। अमेरिका के पेंसिल्वेनिया स्थित इनोवियो फार्मास्यूटिकल्स नाम की इस बायोटेक कंपनी को ये मंजूरी अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन से मिली है। बिजनेस इंसाइडर के मुताबिक मंजूरी मिलते ही इस फर्म के शोधकर्ताओं ने इंसानों पर नई वैक्सीन की टेस्टिंग शुरू कर दी है। इस फर्म को बिल गेट्स और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन और एपिडमिक प्रेपेयर्डनेस इनोवेशनंस ने साझा तौर पर फंडिंग की हुई है।












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