बीजू एक्सप्रेसवे: ओडिशा में विकास की नई सुबह, सड़क के माध्यम से जुड़ रही हैं जिंदगियां
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने अपने पिता की जयंती पर बीजू एक्सप्रेसवे का पहला चरण जनता को समर्पित कर दिया है। यह एक्सप्रेसवे दक्षिण ओडिशा को पश्चिम ओडिशा के माध्यम से उत्तरी क्षेत्र को जोड़ेगा।

विकास को गति देने के लिए बुनियादी ढांचा को बढ़ावा देना एक जांचा-परखा फॉर्मूला है। अगर बुनियादी ढांचा मजबूत होता है तो संचार से लेकर, कृषि; स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा और उद्योग तक को गति मिलती है। समाज के विकास के लिए रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को ठोस करने का कोई विकल्प नहीं है। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इसकी आवश्यकता को समझा है। इसलिए उन्होंने प्रदेश के दक्षिणी भाग को पश्चिम से जोड़ने के लिए बीजू एक्सप्रेसवे की कल्पना की, जो कि 21वीं सदी में राज्य के विकास का नया इतिहास लिखेगा। ओडिशा का यह प्रोजेक्ट सीएम पटनायक का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसपर उनके महत्वाकांक्षी 5टी पहल से काम किया जा रहा है।(पहली तस्वीर- प्रतीकात्मक)

बीजू एक्सप्रेसवे का पहला चरण जनता को समर्पित
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश के दिग्गज नेता बीजू पटनायक की जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सुरेंद्रगढ़ जिले के राउरकेला से कालाहांडी जिले के अंपानी तक की करीब 500 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले बीजू एक्सप्रेसवे जनता को समर्पित किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के चार लेन वाला बीजू एक्सप्रेसवे अब हकीकत बन चुका है और पश्चिमी ओडिशा के विकास में इसका योगदान शुरू भी हो चुका है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर और दक्षिण ओडिशा को पश्चिमी ओडिशा के माध्यम से जोड़ता है। चार लेन वाला यह एक्सप्रेसवे ओडिशा के कई दूर-दराज वाले क्षेत्रों जैसे कि बरगढ़, बलांगीर, नुआपाड़ा,कालाहांडी, संबलपुर, झारसुगुड़ा, सुंदरगढ़ और नबरंगपुर को जोड़ता है, जिससे पश्चिमी ओडिशा में उद्योग और कृषि से जुड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इसके माध्यम से आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा तक बेहतर पहुंच बनाना भी संभव होगा।

पिछड़े क्षेत्र के लोगों को मुख्यधारा में लाना है मकसद
बीजू एक्सप्रेसवे ओडिशा का सबसे बड़ा रोड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। इसकी कुल लंबाई 656 किलोमीटर है, जो राज्य के सबसे पिछड़े क्षेत्रों कालाहांडी, बलांगीर, कोरापुट से होकर गुजरेगा, जिससे इलाके की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। विकास के बाकी क्षेत्रों के अलावा इसके माध्यम से सरकार राज्य के सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को भी मुख्यधारा में लाना चाहती है।

एक्सप्रेसवे के पास इकोनॉमिक कॉरिडोर विकसित होंगे
पूरे राज्य के विकास के लिए राज्य सरकार ने बीजू एक्सप्रेसवे के आसपास के क्षेत्रों को इकोनॉमिक कॉरिडोर के तौर पर विकसित करना शुरू कर दिया है। इसके तहत इकोनॉमिक कॉरिडोर के साथ ही इंडस्ट्रियल एस्टेट भी स्थापित किया जाएगा। कई कंपनियों ने एक्सप्रेसवे के आसपास अपने उद्योग स्थापित करने में दिलचस्पी भी दिखाई है।
अब जब बीजू एक्सप्रेसवे का पहला चरण शुरू हो गया है, अगले चरण में यह गंजम जिले के ब्रह्मपुर को कोरापुट के जयपुर से जोड़ेगा। इस सेक्शन पर करीब 6,100 करोड़ रुपए की लागत आएगी। दूसरा चरण अधिकतर ग्रीनफिल्ड एक्सप्रेसवे होगा। इसके पूरा होते ही, 10 घंटे की यात्रा आधी रह जाएगी। नवीन पटनायक सरकार की यह परियोजना राज्य का विकास ही सुनिश्चित नहीं कर रही है, बल्कि यह प्रदेश की समृद्धि और लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराने में सक्षम है। दूसरे चरण के तैयार होने के बाद राज्य के गंजम, गजपति, रायगडा, कंधमाल और कोरापुट में विकास की अनेक संभावनाएं पैदा होने की संभावना है।












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