तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों पर हमले का दावा 'फर्जी'! BJP नेता समेत 4 पर केस, जानिए पुलिस ने क्या कहा?
तमिलनाडु में बिहार के श्रमिकों पर हमले के 'फर्जी दावे' पर पुलिस ने सख्त एक्शन लिया है। मामले में राज्य भाजपा इकाई प्रमुख समेत 4 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों पर कथित हमले की खबरों को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की है। मामले में भाजपा की ओर से राज्य में प्रवासी मजदूरों के साथ ज्यादती का का दावा उल्टे उसे ही भारी पड़ गया है। सत्तारूढ़ डीएमके पार्टी को जिम्मेदार ठहराए जाने के एक दिन बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। मामले में तमिलनाडु पुलिस की साइबर क्राइम डिवीजन ने भाजपा राज्य इकाई के प्रमुख पर हिंसा भड़काने और समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। घटना को लेकर भाजपा बिहार इकाई के ट्विटर अकाउंट के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया है।
तमिलनाडु में शनिवार को राज्य भाजपा इकाई प्रमुख अन्नामलाई ने कल प्रवासी मजदूरों के मुद्दे को लेकर सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और गठबंधन दल के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्हों ने कहा , "डीएमके के सांसदों की उत्तर भारतीयों पर अभद्र टिप्पणी, डीएमके मंत्री ने उन्हें पानी- पूरी वाला कहा और उनके गठबंधन सहयोगियों ने उनके पलायन की मांग की, जो आज हम देख रहे हैं। अन्नामलाई ने एक ट्वीट में कहा था कि तमिलनाडु में बिहार के लोगों पर हमले की झूठी खबरों के प्रसार का भी विरोध करते हुए कहा कि तमिल उत्तर भारतीयों के खिलाफ "अलगाववाद" और "घृणित घृणा" का समर्थन नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में प्रवासी श्रमिकों पर हमलों के बारे में सोशल मीडिया में फैली फर्जी खबरों को देखना निराशाजनक है। हम तमिल लोग "द वर्ल्ड इज वन" की अवधारणा में विश्वास करते हैं।
मामले में तमिलनाडु ने अन्नामलाई के अलावा भाजपा प्रवक्ता प्रशांत उमराव समेत दो पत्रकारों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले में दैनिक भास्कर पटना के संपादक प्रशांत उमराव ने ट्वीटर हैंडल 'तनवीर पोस्ट' के मालिक मोहम्मद तनवीर और शुभम शुक्ला के खिलाफ अलग-अलग थानों में 'झूठी खबरें' फैलाने का मामला दर्ज किया है।
मामले में तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक सिलेंद्र बाबू ने कहा कि कहा गया कि सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो झूठी खबरें फैलाने वाला था। उन्होंने कहा, बिहार के श्रमिकों पर हमले के दावा के साथ दो वीडियो पोस्ट किए गए। दोनों झूठे हैं क्योंकि ये घटनाएं तिरुप्पुर और कोयम्बटूर में पहले हुई थीं, जो कि एक प्रवासी श्रमिकों के दो समूहों के बीच झड़प थी। बिहार से जबकि दूसरा कोयम्बटूर में दो स्थानीय निवासियों के बीच झड़प का था।" मामले में कार्रवाई को लेकर डीजीपी ने कहा कि प्रवासी श्रमिकों पर राज्य में हमले की अफवाह और दहशत को प्रसारित करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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