यूपी में जिंदा मिली, बिहार की मरी हुई "बेवफा सनम"
पटना (मुकुन्द सिंह)। 5 साल पहले मर चुकी लड़की अचानक पुलिस को जिंदा मिल गई। आखिर का 5 साल पहले मरी हुई लड़की कैसे जिंदा हो सकती है। आपको समझ आ गया होगा कि किसी जिंदा लड़की को पुलिस ने मरा घोषित कर दिया और इसीलिये यह सब नाटक हो रहा है। लेकिन इस लड़की की कहानी इसलिये रोचक है, क्योंकि यह एक बेवफा सनम है, जो बिहार में मरी और यूपी में जिंदा हो गई।

हुआ यूं कि बिहार के मुजफ्फरपुर जिला के थाना बरूराज के गांव मुरारपुर बखरी निवासी हातिम अंसारी की शादी पारू क्षेत्र के गांव चौनपुर चिउटाहां निवासी मोहम्मद इसराइल की बेटी आमना खातून से हुई थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद हातिम अपनी पत्नी आमना खातून को लेकर फरीदाबाद चला गया। फरीदाबाद की एक कंपनी में काम कर अपने और अपने परिवार का जीवन यापन करता था। दिन रात काम में इतना मसरूफ हो गया कि पत्नी पर ध्यान ही नहीं गया। और पत्नी आमना को गाजियाबाद के एक लड़के से प्रेम हो गया।
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प्रेम धीरे, धीरे इस कदर परवान चढ़ा कि इन दोनों ने एक साथ जीने मरने की कसम खा ली। लेकिन इस कसम को पूरा करने के लिये हातिम को रास्ते से हटाना जरूरी था। पूरी प्लानिंग के साथ आमना एक दिन घर छोड़कर फरार हो गई। बहुत खोजने पर जब आमना नहीं मिली तो हातिम गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करायी। जब आमना नहीं मिली, तो उसके परिजनों ने हातिम, उसके पिता ताज मो़हम्मद, मां आयशा खातून और बहन सोनी खातून के खिलाफ हत्या का मामलद दर्ज करा दिया।
हातिम और उसके परिजनों पर हत्या कर लाश गायब करने का आरोप लगा। पुलिस को जब-जब किसी महिला की लाश मिलती, तब तब इस बात की तहकीकात की जाती, कि कहीं यह आमना की लाश तो नहीं। कोर्ट में हत्या के पूरे सबूत नहीं मिले, जिसकी वजह से हातिम और उसके परिवारीजन बेल पर बाहर आ गये, लेकिन केस चलता रहा।
फरुर्खाबाद में दिखी आमना
हातिम के करीबी ने हाल ही में आमना को फरुर्खाबाद में देखा और तुरंत हातिम को जानकारी दी। हातिम ने जब यह बात पुलिस को बतायी, तो पुलिस की टीम ने पूरी तैयारी के साथ छापेमारी की और आमना को जिंदा पाया। पूछताछ करने पर पता चला कि आमना पिछले पांच साल से अपने प्रेमी के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रही है। उसके दो बच्चे भी हो गये हैं।
काजल बनकर रही आमना
आमना ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वो अपनी मर्जी से गई थी और अब तक वो फरुर्खाबाद में नाम बदल कर रह रही थी। वहां उसे लोग काजल के नाम से जानते थे। आमना ने कहा कि उसे नहीं पता था कि उसके अपने मां-बाप ने उसकी हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
खैर गाजियाबाद, फरीदाबाद और फरुर्खाबाद पुलिस की अलग-अलग टीमों ने मुजफ्फरपुर पुलिस को इस मामले से जुड़ी अपनी-अपनी रिपोर्ट भेज दी है। उम्मीद है, जल्द ही हातिम और उसके परिजनों पर चल रहा हत्या का मुकदमा वापस तले लिया जायेगा।












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