राघोपुर से अपनी मां का बदला ले पायेंगे तेजस्वी यादव?
पटना(मुकुंद सिंह)। बिहार विधानसभा चुनाव में राघोपुर विधानसभा क्षेत्र से राजद प्रत्याशी के रूप में तेजस्वी यादव अपनी किस्मत आजमा रहे है। राघोपुर विधानसभा क्षेत्र ऐसा विधानसभा क्षेत्र है जिस सीट को लेकर सबसे अधिक कयासबाजी लगायी जा रही है, जहां पिछली बार यानी वर्ष 2010 में जदयू के सतीश कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को हराकर राजनीतिक गलियारे में हड़कंप मचा दिया था।
हालांकि इस बार यहां से लालू-राबड़ी के पुत्र तेजस्वी यादव हाथ आजमायेंगे। वहीं दूसरी ओर उनका विरोध होना शुरू हो गया है। सबसे अधिक विरोध वर्तमान विधायक सतीश कुमार द्वारा किया जा रहा है।
पिछले चुनाव में सतीश यादव ने राबड़ी को हराया था
सूत्रों की मानें तो श्री कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से राघोपुर विधानसभा को लेकर अपनी दावेदारी जता दी है और दबी जुबान से यह धमकी भी दे दी है कि यदि इस सीट से उनके बजाय किसी और को उम्मीदवार बनाया गया तो वे कई और निर्णय ले सकते हैं।
हालांकि सूत्रों की मानें तो महागठबंधन द्वारा यह पहले ही तय हो गया था कि राघोपुर से तेजस्वी यादव उम्मीदवार होंगे। पहले यह कयास लगाया जा रहा था कि उनकी राह आसान बनाने के लिए वर्तमान विधायक सतीश कुमार को मना लिया जायेगा। परंतु अब जिस तरह की खबरें सामने आ रही हैं, उससे महागठबंधन में हड़कंप की स्थिति बन गयी है।
असली वजह जातिगत अंकगणित है
इस हड़कंप की असली वजह वह जातिगत अंकगणित है जिसके सहारे सतीश कुमार ने राबड़ी देवी को हराया था। जदयू के सतीश कुमार ने नीतीश लहर पर सवार होकर जीत हासिल की थी। आंकड़ों के हिसाब से बात करें तो सतीश कुमार को कुल 64 हजार 222 मत प्राप्त हुए थे जबकि राबड़ी देवी को 51 हजार 216 मत। वहीं निर्दलीय रिजवानुल आजम को 3877मत प्राप्त हुए थे। इससे पहले यानी अक्टुबर 2005 में हुए चुनाव के दौरान जदयू के उम्मीदवार सतीश कुमार को 30 हजार 601 मत और राबड़ी देवी को 35 हजार 891 मत हासिल हुए थे।
सतीश कुमार को कुल 64 हजार 222 मत प्राप्त हुए थे
तब राबड़ी देवी करीब पांच हजार मतों के अंतर से विजयी रही थीं। विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो राघोपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा इस बार सतीश कुमार को मौका दे सकती है। हालांकि इस संबंध में न तो श्री कुमार की ओर से खुलासा किया गया है और न ही भाजपा ने अभी तक अपने पत्ते खोले हैं। हालांकि अनुमान लगाया जा रहा है कि यादव बहुल इलाका होने के कारण भाजपा श्री कुमार को अपना उम्मीदवार बना सकती है।
यादव बहुल इलाका होने के कारण भाजपा परेशान
वहीं पप्पू यादव भी लालू-राबड़ी पुत्र को शिकस्त देने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। मिल रही जानकारी के मुताबिक श्री यादव तेजस्वी के खिलाफ एक स्थानीय कद्दावर यादव नेता को उम्मीदवार बनाने की तैयारी में जुटे हैं। बहरहाल राघोपुर विधानसभा क्षेत्र का राजनीतिक गणित पूरी तरह से जातिगत हिस्सेदारियों पर आधारित है। इस क्षेत्र में यादव के बाद अन्य सभी जातियां मसलन राजपूर, कोईरी और कुर्मी के अलावा अति पिछड़ा वर्ग में शामिल जातियों के मतदाताओं की संख्या एक जैसी है।
लालू-राबड़ी पुत्र को शिकस्त देने के लिए एड़ी-चोटी का जोर
यही वजह रही कि पिछली बार चुनाव लालू यादव बनाम अन्य हुआ था। इसके अलावा स्थानीय यादव होने के कारण भी सतीश कुमार को लाभ मिला था। अब देखना दिलचस्प होगा कि यदि उन्होंने पाला बदला तो इसका जनता पर असर कैसा होगा और क्या बदले हालात में तेजस्वी की राह आसान रह जायेगी।













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