Lok Sabha chunav: बिहार में फंस गए लालू-नीतीश? कांग्रेस को छोड़िए, इन दोनों दलों ने भी मांग ली हैं 8 सीटें!
Bihar Lok Sabha Election 2024: बिहार में महागठबंधन या इंडिया ब्लॉक में सीट बंटवारे का फॉर्मूला निकल चुका है, पहले ऐसी ही खबरें आ रही थीं। लेकिन, अब जिस तरह से वामपंथी पार्टियों ने अपना हिस्सा मांगना शुरू किया है, बात कभी भी बेपटरी हो सकती है।
बिहार में सत्ताधारी महागठबंधन में सीपीआई भी शामिल है। अब पार्टी ने दो टूक कह दिया है कि राज्य की सभी 40 सीटों पर बीजेपी को हराने में वह भी योगदान देना चाहती है, इसलिए वह भी 3 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारना चाहती है।

बिहार में सीपीआई ने ठोका 3 सीटों पर दावा
बिहार के सीपीआई नेता विजय नारायण मिश्र ने एबीपी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में वह सीटें भी बता दी हैं, जिसपर सीपीआई पहले जीतती थी। उनका कहना है कि यूं तो पार्टी का दावा बिहार की 12 लोकसभा सीटों पर बनता है, लेकिन इंडिया ब्लॉक की एकजुटता के लिए वह सिर्फ तीन सीटों पर ही चुनाव लड़ेगी।
सीपीआई को चाहिए, बेगूसराय, बांका और मधुबनी सीट
सीपीआई नेता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव से अपने लिए जिन सीटों पर दावदारी जताई है, वे हैं- बेगूसराय, बांका और मधुबनी। उनका कहना है कि इस मसले पर पार्टी महासचिव डी राजा की नीतीश, लालू और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से भी बात हो चुकी है।
उन्होंने कहा है कि 'हम इंडिया में बाधा नहीं बनना नहीं चाहते', इसलिए इतनी ही सीटों पर अपनी दावेदारी जता रहे हैं। साथ ही उन्होंने सीपीआई-एमएल के लिए भी यह कहकर पैरवी कर डाली है कि 'सीपीआई-एमएल का अलग वजूद है...।'
सीपीआई-एमएल की ओर से 5 सीटें मांगे जाने की रिपोर्ट
इस बीच मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीपीआई-एमएल पहले ही तेजस्वी से मिलकर राज्य की 5 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की दावेदारी जता चुका है। दरअसल, 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी आरजेडी के साथ मिलकर लड़ी थी और वह सिर्फ 19 सीटों पर लड़कर भी 12 सीटें जीत गई थी।
सीपीआई-एमएल को 5 सीटें पसंद हैं
पार्टी की ओर से जिन लोकसभा सीटों पर दावेदारी की जानकारी सामने आ रही है, उनमें जहानाबाद, आरा, सीवान, काराकाट और पाटलिपुत्र सीटें शामिल हैं। दिलचस्प बात ये है कि इनमें से सीवान और जहानाबाद जेडीयू की सीटिंग सीट है तो पाटलिपुत्र पर आरजेडी हमेशा से अपनी दावेदारी मानती है।
बिहार में सीटों के बंटवारे पर क्यों 'बिगड़ी' बात?
पहले इस तरह की रिपोर्ट थी कि बिहार में इंडिया ब्लॉक में सीटों के बंटवारे का एक फॉर्मूला निकल चुका है। यह बातें इंडिया ब्लॉक के वरिष्ठ नेताओं के हवाले से ही आई थी। इसके तहत जेडीयू और आरजेडी को 16-16 सीटें, कांग्रेस को 5 और लेफ्ट को 3 सीटें मिलनी थीं।
इस तरह की रिपोर्ट के बाद ही जदयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू में सोमवार को अपना स्टैंड सख्त करते हुए कहा था कि उनकी पार्टी को 17 सीटें ही मिलनी चाहिए, जिसपर वह 2019 में लड़ी थी। उनके मुताबिक, 'जनता दल (यूनाइटेड) को 17 सीटें मिलनी चाहिए। हमने इंडिया अलायंस से जुड़ी पार्टियों को सूचित कर दिया है। इसलिए, सीटें कांग्रेस, आरजेडी और लेफ्ट पार्टियों में बांटी जाएंगी।'
वैसे अगर जेडीयू यह दावा सीटिंग सीटों के आधार पर कर रहा है तो 17 में से एक किशनगंज सीट वह हार गया था, जहां पर कांग्रेस को सफलता मिली थी।
इसपर बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष अखिलेश सिंह भी एक विकल्प सुझा चुके हैं। उनका कहना है जदयू-राजद को 15-15 सीटों पर लड़ना चाहिए। वैसे इसके बाद भी सिर्फ 10 ही सीटें बचेंगी। जिसमें कांग्रेस और दोनों वामपंथी दलों की मांगें कहां से पूरी हो पाएंगी?
हालांकि, जानकारी के मुताबिक बिहार के सीएम और जेडीयू सुप्रीमो नीतीश कुमार ने फिलहाल यही भरोसा जताया है कि समय पर सब ठीक हो जाएगा।












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