अब जीतनराम मांझी की इस मांग ने फंसाया महागठबंधन में पेंच, हुए नाराज
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के लिए बिहार में महागठबंधन के सभी घटक दलों के बीच सीटों के बंटवारे के बाद उम्मीदवारों के नाम का ऐलान हो गया है। शुक्रवार को राजद नेता तेजस्वी यादव ने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया था। वहीं, उम्मीदवारों के ऐलान के बाद हिंदुस्तान आवाम मोर्चा-सेक्यूलर के संस्थापक जीतन राम मांझी की नाराजगी सामने आई है, जिससे महागठबंधन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

ब्राह्मणों को टिकट ना दिए जाने से हम पार्टी नाराज
जीतन राम मांझी की पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए महागठबंधन की सूची में कोई ब्राह्मण उम्मीदवार नहीं होने पर नाराजगी जताई है। पार्टी के मीडिया प्रभारी अमरेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि महागठबंधन को समाज के कुछ वर्गों की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि संयुक्त मोर्चा ब्राह्मणों को टिकट देने में विफल रहा है। उन्होंने कहा कि इस पार्टी में कई समर्पित नेता हैं जिनको टिकट दिया जा सकता था।

तीन सीटों पर चुनाव लड़ रही है हम
बिहार महागठबंधन ने शुक्रवार को सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया था। जीतन राम मांझी की पार्टी HAM-S नालंदा, औरंगाबाद और गया सीटों पर चुनाव लड़ेगी। जबकि राजद 19 सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी। इसके अलावा कांग्रेस के खाते में पटना साहिब सहित 9 सीटें गई हैं। जबकि एनडीए का साथ छोड़ महागठबंधन के साथ जाने वाले उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को 5 सीटें दी गई हैं।

राजद 19 सीटों पर उतारेगी अपने उम्मीदवार
बिहार में गठबंधन के तहत राजद 19 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। शरद यादव को मधेपुरा से, अररिया से सरफराज आलम और पाटलिपुत्र से मीसा भारती को टिकट दिया गया है। इसके अलावा सारण से चंद्रिका राय, बक्सर से जगदानंद सिंह, जहानाबाद- सुरेंद्र सिंह, नवादा से विभा देवी को टिकट दिया गया है। केवल एक सीट के बारे में फैसला नहीं हो सका है। इसको लेकर तेजस्वी यादव ने कहा था कि शिवहर लोकसभा सीट के बारे में ऐलान कुछ दिनों में किया जाएगा।












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