Bihar News: पैक्स से बदलेगी गांवों की तस्वीर — 39.23 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद, डिजिटल सेवाओं से सशक्त हो रहे किसान

बिहार की सरकार की योजनाएँ किसानों को सीधी वित्तीय सहायता प्रदान करके, सहकारी पहलों और फसल सहायता के माध्यम से उनकी आय बढ़ाकर ग्रामीण कृषि को बदल रही हैं।

सहकारिता मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि बिहार की नीतीश सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से बिहार के गांवों में बदलाव की नई पटकथा लिखी जा रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में राज्य के 4.63 लाख किसानों ने प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) के माध्यम से धान की बिक्री की है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कुल 39.23 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। किसानों को सीधे 9120 करोड़ रुपए का भुगतान हुआ और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।

Bihar Government Supports Farmers' Income Growth

राज्य सरकार की प्रमुख योजना बिहार राज्य फसल सहायता योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना में न तो कोई प्रीमियम लिया जाता है, न ही किसी प्रकार का शुल्क। प्राकृतिक आपदा से फसल क्षति की स्थिति में किसानों को सीधी आर्थिक सहायता मिलती है। अब तक 33.14 लाख किसानों को 2199.58 करोड रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है। 20 प्रतिशत से अधिक क्षति पर 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अधिकतम दो हेक्टेयर तक सहायता दी जा रही है, वहीं 20 प्रतिशत तक की क्षति पर 7500 रुपये प्रति हेक्टेयर मिल रहे हैं।

मंत्री ने बताया कि गांवों में में डिजिटल सेवाएं अब पैक्स केंद्रों से मिल रही हैं। राज्य के 4883 पैक्सों में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) की स्थापना की गई है। इन केंद्रों से ग्रामीणों को आय, जाति, आवासीय प्रमाण पत्र से लेकर बैंकिंग और बीमा सेवाओं तक 300 से अधिक प्रकार की सुविधाएं मिल रही हैं। अब तक सीएससी के माध्यम से 4.5 करोड रुपये से अधिक का कारोबार हो चुका है।

सब्जी उत्पादकों को सहकारिता से संबल

राज्य सरकार ने 519 प्रखंडों में प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों का निबंधन पूरा कर लिया है। इन समितियों के माध्यम से 48,000 से अधिक किसानों को उत्पादन और विपणन में सहायता मिल रही है। इससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

4477 पैक्सों का कंप्यूटरीकरण

सहकारी संस्थाओं को तकनीक से जोडने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। अब तक 4477 पैक्सों का कंप्यूटरीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है। साथ ही 201 पैक्सों में जन-औषधि केंद्र खोलने की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 17 पहले ही संचालित हो चुके हैं।

भंडारण क्षमता में हुआ इजाफा

किसानों की उपज को सुरक्षित रखने के लिए गोदाम निर्माण योजना के तहत अब तक 6123 गोदामों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है, जिससे 16.91 लाख मीट्रिक टन अन्न भंडारण क्षमता सृजित हुई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 180 करोड रुपये की लागत से 278 और गोदामों के निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है।

2976 पैक्सों में स्थापित हुए कृषि उपकरण बैंक

किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 2976 पैक्सों में कृषि उपकरण बैंक स्थापित किए गए हैं। इससे छोटे और मध्यम किसान भी उन्नत तकनीक से खेती कर पा रहे हैं।

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