'...हो सकता है वो भाजपा की मदद करना चाहते हों', अपने पुराने साथी प्रशांत किशोर पर क्यों बरसे नीतीश
नीतीश कुमार के दिल्ली दौरे से राष्ट्रीय राजनीति में हलचल है और माना जा रहा है कि वो 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश में हैं।
नई दिल्ली, 8 सितंबर: बिहार में एनडीए से नाता तोड़कर और महागठबंधन के साथ मिलकर सरकार बनाने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों दिल्ली के दौरे पर हैं। नीतीश कुमार के दिल्ली दौरे से राष्ट्रीय राजनीति में हलचल है और माना जा रहा है कि वो 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश में हैं। अपने दिल्ली दौरे के दौरान नीतीश कुमार अभी तक कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार से लेकर आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल से भी मुलाकात कर चुके हैं। इस बीच नीतीश कुमार ने अपने पुराने सहयोगी प्रशांत किशोर पर निशाना साधा है।
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'हम तीसरा नहीं, मुख्य मोर्चा बनना चाहते हैं'
पत्रकारों से बात करते हुए नीतीश कुमार ने कहा, '2024 के लोकसभा चुनाव के लिए हम तीसरा मोर्चा नहीं, बल्कि मुख्य मोर्चा बनना चाहते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी अभी मेडिकल चेकअप के लिए विदेश गई हुई हैं और जब वो लौटकर आएंगी, तो मैं उनसे भी मुलाकात करूंगा।' इस दौरान पत्रकारों ने नीतीश कुमार से प्रशांत किशोर को लेकर भी सवाल पूछे, जिसकर उन्होंने पीके को आड़े हाथों लिया।

'पब्लिसिटी के तो एक्सपर्ट हैं वो'
प्रशांत किशोर को लेकर पूछे गए सवालों पर नीतीश कुमार ने कहा, 'दूसरी राजनीतिक पार्टियों के साथ काम करना उनका बिजनेस है। वो बिहार में जो कुछ भी करना चाहते हैं, उससे हमें या हमारी सरकार को कोई सरोकार नहीं है। बिहार में 2005 के बाद कितना कुछ किया गया है, क्या उन्हें उसका एबीसी भी मालूम है? वो जो भी बयान दे रहे हैं...हो सकता है कि वो भाजपा के साथ रहना चाहते हों। हो सकता है वो उनकी मदद करना चाहते हों। पब्लिसिटी के तो एक्सपर्ट हैं वो।'

'बिहार में उलटफेर के बाद नीतीश का पहला दिल्ली दौरा'
नीतीश कुमार ने आगे कहा, 'हम 2005 से बिहार में अपना काम कर रहे हैं। कुछ लोगों की आदत होती है कि काम कुछ करना नहीं, बस बड़बड़ाते रहना है।' गौरतलब है कि बिहार में सियासी उलटफेर के बाद मुख्यमंत्री नीतीश का ये पहला दिल्ली दौरा है। दिल्ली आने से पहले नीतीश कुमार ने पटना में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की और उसके दिल्ली में अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं से मिले।

'जेडीयू से 2020 में किया गया था PK को निष्कासित'
आपको बता दें कि प्रशांत किशोर को जेडीयू से साल 2020 में निष्कासित किया गया था। चुनाव रणनीतिकार के तौर पर काम करने वाले प्रशांत किशोर ने अपने एक बयान से उस वक्त सियासी हलचल मचा दी, जब उन्होंने कहा कि अब वो मुख्य रूप से बिहार पर फोकस करेंगे। इसके बाद कयास लगाए जाने लगे कि प्रशांत किशोर बिहार में अपनी राजनीतिक पार्टी खड़ी करेंगे। हालांकि प्रशांत किशोर की तरफ से नई पार्टी को लेकर कोई बयान नहीं आया। इस दौरान प्रशांत किशोर ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को लेकर भी बयानबाजी की।












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