बिहार में बीजेपी के आरोपों के बीच गांधी की धरती चंपारण से 'समाधान यात्रा' पर नीतीश

इन दिनों बिहार में नेताओं की बयानबाज़ी से सियासी पारा चढ़ा हुआ है. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोल रहे हैं.

वहीं आरजेडी का संकट बीमार लालू प्रसाद यादव तक सिंगापुर पहुँच रहा है. कांग्रेस के भक्त चरण दास बीजेपी पर भड़के हुए हैं और नीतीश कुमार 'समाधान' तलाशने गांधी की सत्याग्रह की धरती चंपारण से यात्रा शुरू कर रहे हैं.

मंगलवार को बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा बिहार दौरे पर पहुँचे और मुज़फ़्फ़रपुर में जनसभा भी की.

इसके साथ ही बीजेपी ने 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है.

ख़बरों के मुताबिक़ बीजेपी की बिहार के कई ज़िलों में इस तरह के कार्यक्रम की योजना है.

जेपी नड्डा ने वैशाली ज़िले के पारू में एक जनसभा में बिहार में महागठबंधन की सरकार पर जमकर हमला बोला और बीजेपी की 'विशुद्ध सरकार' (यानी बिना गठबंधन के बहुमत वाली) बनवाने की अपील की.

जेपी नड्डा ने कहा, "नीतीश कुमार ने बिहार की जनता के जनादेश का निरादर किया है. नीतीश कुमार ने बिहार की जनता को धोखा दिया है."

"मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि बिहार में सुशासन बाबू के शासन में शासन कौन कर रहा है?"

बिहार में पिछले साल यानी 2022 के अगस्त महीने में जेडीयू ने बीजेपी से नाता तोड़कर आरजेडी के साथ महागठबंधन की सरकार बनाई थी.

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नड्डा के बयान से भड़की आरजेडी

लेकिन जेपी नड्डा के बयानों ने नीतीश कुमार के नए साथी आरजेडी को भड़का दिया है. जेपी नड्डा अभी बिहार से वापस भी नहीं गए थे कि आरजेडी ने उन पर निशाना साधते हुए तीर छोड़ दिया.

आरजेडी प्रवक्ता चितरंजन गगन ने ट्वीट किया, "भाजपा मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रही है. जेपी नड्डा हिमाचल में अपने गृह ज़िले की सीटिंग सीट भी बीजेपी को नहीं जितवा सके. बिहार में घृणा और नफ़रत की राजनीति करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है."

https://twitter.com/ChitranjanGaga1/status/1610219521364873217

वरिष्ठ पत्रकार कन्हैया भेलारी इस पूरे मामले पर कहते हैं, "बिहार में 2024 के लोकसभा चुनावों की तैयारी शुरू हो गई है. ये सारे बयान उसी को देखते हुए दिए जा रहे हैं."

वो बीजेपी के आरोप पर सवाल उठाते हुए कहते हैं, "नीतीश कुमार ने 2015 में आरजेडी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन 2017 में आरजेडी को छोड़कर बीजेपी के साथ आ गए थे तो क्या वो जनादेश का अपमान नहीं था."

बीजेपी की बिहार में रैली के बाद अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार से प्रदेश भर की यात्रा पर निकल रहे हैं. 4 जनवरी से 7 फ़रवरी यानी एक महीने से ज़्यादा लंबी इस यात्रा को 'समाधान यात्रा' का नाम दिया गया है.

इसकी शुरुआत पश्चिमी चंपारण से होगी. चंपारण से ही महात्मा गांधी ने भारत में अपने सत्याग्रह की शुरुआत की थी.

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शराबबंदी का पेच

मुख्यमंत्री की इस रैली का मक़सद सरकारी योजनाओं की समीक्षा, समूहों (ख़ासकर महिलाओं के जीविका समूहों) के साथ बैठक है, लेकिन कन्हैया भेलारी का मानना है कि नीतीश कुमार इसमें शराबबंदी के अपने फ़ैसले पर महिलाओं से फ़ीडबैक ले सकते हैं.

कन्हैया भेलारी कहते हैं, "नीतीश कुमार ने महिलाओं को ध्यान में रखकर बिहार में कई काम किए हैं. शराबबंदी को लेकर जिस तरह की ख़बरें आ रही हैं उसे नीतीश कुमार को ख़ुद स्वीकार करने में दिक़्क़त हो सकती है."

{image-"नीतीश कुमार यात्रा के जरिए महिलाओं से ज़रूर जानना चाहेंगे कि शराबबंदी सफल रही है या नहीं? ", Source: कन्हैया भेलारी , Source description: वरिष्ठ पत्रकार , Image: hindi.oneindia.com}

दरअसल पिछले महीने यानी दिसंबर 2022 में बिहार के सारण ज़िले में ज़हरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हो गई थी. इसके अलावा बिहार में लगातार अवैध शराब का पकड़ा जाना शराबबंदी योजना पर सवाल खड़े करता रहा है.

बीजेपी ने नीतीश कुमार पर शराबबंदी की समीक्षा का भी दबाव बनाया है. वहीं शराब क़ानून तोड़ने के मामले में साढ़े छह लाख़ से ज़्यादा केस दर्ज हो चुके हैं. माना जाता है कि शराबबंदी क़ानून की वजह से बड़ी संख्या में पीड़ित लोग नीतीश कुमार से नाराज़ भी हैं.

पटना के वरिष्ठ पत्रकार सुरूर अहमद कहते हैं, "नीतीश कुमार की छवि लगातार कमज़ोर हो रही है. लोगों से सीधा संपर्क होने से यह बेहतर होती है. ये नीतीश की चौदहवीं यात्रा है. कोरोना की वजह से पहले यह यात्रा नहीं हो पाई थी."

{image-"नीतीश कुमार को अगर केंद्र की राजनीति में जगह बनानी है तो अपनी राजनीतिक ताक़त बनाकर रखनी होगी.", Source: सुरूर अहमद, Source description: वरिष्ठ पत्रकार , Image: hindi.oneindia.com}

नीतीश कुमार की यात्रा की शुरुआत के अगले ही दिन यानी 5 जनवरी से बिहार में कांग्रेस भी अपनी 'भारत जोड़ो' यात्रा शुरू कर रही है.

देश के कई इलाक़ों में यह यात्रा कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अगुवाई में चल रही है. जबकि बिहार में इसकी शुरुआत बांका से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे. बाद में यह यात्रा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह आगे बढ़ाएंगे.

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बीजेपी पर कांग्रेस का निशाना

राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस का मुक़ाबला बीजेपी से है, इसलिए मंगलवार को कांग्रेस के बिहार प्रभारी भक्त चरण दास पटना पहुंचे तो बीजेपी पर भड़क उठे.

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की यात्रा पर मीडिया के सवालों पर भक्त चरण दास ने कहा, "उनका काम क्या रह गया है, देश में बेरोज़गारी हो, ग़रीबी हो, महंगाई हो या चीन का मुद्दा हो; सारे मुद्दे इधर-उधर फेंक रहे हैं. वो चुनावी तैयारी के अलावा और क्या करते हैं. करोड़ों रुपये ख़र्च करो. चुनाव जीतने की तैयारी करो बस."

इन सियासी यात्राओं और बयानों के बीच चुनावी रणनीतिकार और किसी ज़माने में नीतीश कुमार के क़रीबी रहे प्रशांत किशोर भी यात्रा पर हैं. प्रशांत किशोर बीते तीन महीने से चल रही अपनी यात्रा को बिहार में व्यवस्था परिवर्तन के लिए 'जन सुराज यात्रा' कह रहे हैं.

https://twitter.com/PrashantKishor/status/1576368924488105984

प्रशांत किशोर अपनी यात्रा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी लगातार हमला बोल रहे हैं. हालांकि सुरूर अहमद का मानना है कि अभी की स्थिति में प्रशांत किशोर की यात्रा राजनीतिक तौर पर बहुत ज़्यादा मायने नहीं रखती है.

वहीं कन्हैया भेलारी कहते हैं, "यात्राओं से राजनीति और चुनाव के मैदान में उतरने के लिए ख़ुद को तैयार किया जाता है. प्रशांत किशोर कब पार्टी बनाएंगे ये नहीं कह सकते, लेकिन उनकी मंशा राजनीतिक दल बनाने की नज़र आती है."

बिहार में रैलियों और सियासी यात्राओं से कोई पार्टी फ़िलहाल दूर दिख रही है तो वो है आरजेडी, लेकिन वो फ़िलहाल अपने घर के मसलों को सुलझाने में लगी है. आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे और राज्य सरकार में पूर्व मंत्री रहे सुधाकर सिंह पार्टी के लिए लगातार परेशानी बने हुए हैं.

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घर की लड़ाई में उलझी आरजेडी

सुधाकर सिंह फ़िलहाल आरजेडी से विधायक हैं, लेकिन वो नीतीश कुमार पर लगातार हमले कर रहे हैं. वो कभी नीतीश कुमार के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, तो कभी विशेष राज्य की मांग करने के लिए नीतीश कुमार को 'भिखारी' बता रहे हैं.

https://twitter.com/NBTBihar/status/1610232091635232769

जेडीयू नेता उपेंद्र कुशवाहा ने सुधाकर सिंह के बयान पर आपत्ति जताई है. उन्होंने सुधाकर सिंह के बयान को बिहार की जनता का अपमान बताया है.

https://twitter.com/UpendraKushJDU/status/1609876479239917571

वहीं आरजेडी के अंदर मचा यह घमासान सिंगापुर में इलाज करा रहे पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव तक पहुंच गया है.

मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा, "अगर कोई ऐसी टिप्पणी करता है तो वो बीजेपी की नीतियों का स्पष्ट रूप से समर्थन कर रहा है. यह बात बीमार होते हुए भी पार्टी अध्यक्ष (लालू प्रसाद यादव) तक पहुंचा दी गई है."

तेजस्वी यादव ने सुधाकर सिंह को बीजेपी का मोहरा तक बता दिया है. महागठबंधन के 'सुधाकर संकट' में अब पूर्व सांसद और जन अधिकार पार्टी के प्रमुख पप्पू यादव भी कूद गए हैं.

पप्पू यादव ने सुधाकर सिंह के डीएनए को बीजेपी जैसा बता दिया है और आरोप लगाया है कि वो अमित शाह के इशारे पर तोते की तरह बोल रहे हैं.

https://twitter.com/pappuyadavjapl/status/1610188382143123456

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