Bihar News: तकनीकी विकास की ओर तेजी से बढ़ता बिहार, एआई नवाचारों ने दुनिया को किया प्रभावित
प्रगति मैदान में बिहार मंडप ने खेती, स्वास्थ्य और शिक्षा में एआई-संचालित नवाचारों का प्रदर्शन किया, साथ ही एआई-सहायता प्राप्त वोटिंग समाधान और एक बहुभाषी रोबोट भी दिखाया। अधिकारियों ने टाइगर एनालिटिक्स के साथ एमओयू और किसानों के लिए डिजिटल सलाहकार उपकरण की योजनाओं पर प्रकाश डाला। इस कार्यक्रम ने तकनीक-आधारित विकास और शासन आधुनिकीकरण में बिहार की बढ़ती भूमिका का संकेत दिया।
देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए बिहार अब तकनीक की दुनिया में भी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एंड एक्सपो 2026 में बिहार पैवेलियन देश-विदेश से आए टेक विशेषज्ञों और निवेशकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है। यहां प्रस्तुत एआई आधारित नवाचारों ने वैश्विक स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा है।

समिट के समापन दिवस पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार पैवेलियन का दौरा किया और राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदर्शित एआई-सक्षम चुनावी नवाचारों की सराहना की। इनमें सुरक्षित ई-वोटिंग समाधान और नागरिक-केंद्रित मोबाइल एप्लिकेशन विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित पारदर्शी और सुरक्षित चुनावी प्रणाली लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अमेरिका के कैलिफोर्निया से आए टेक विशेषज्ञ महेश, जो मूल रूप से बिहार के नवगछिया के निवासी हैं, ने एआई के भविष्य और इसके सामाजिक प्रभावों पर चर्चा की। उनकी कंपनी टाइगर एनालिटिक्स के साथ बिहार सरकार ने हाल ही में एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने बताया कि एआई के माध्यम से बिहार कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्रों में बड़े बदलाव की दिशा में बढ़ रहा है।
कृषि क्षेत्र में एआई किसानों के लिए डिजिटल सलाहकार के रूप में काम करेगा। सेंसर और सैटेलाइट डेटा के जरिए किसान मिट्टी की नमी, पोषक तत्वों और फसल की स्थिति की रीयल-टाइम निगरानी कर सकेंगे। एआई चैटबॉट और मोबाइल ऐप फोटो के जरिए फसल रोगों की पहचान कर समाधान सुझा रहे हैं। साथ ही, एआई आधारित मॉडल सटीक मौसम पूर्वानुमान और बाजार भाव की जानकारी देकर किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक का विस्तार
स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई दूरदराज के इलाकों में इलाज की सुविधा पहुंचाने में सहायक बन रहा है। एक्स-रे और सीटी स्कैन जैसे उपकरणों का विश्लेषण कुछ ही क्षणों में कर टीबी और फेफड़ों के कैंसर जैसी बीमारियों की पहचान संभव हो रही है। एआई संचालित स्टेथोस्कोप और थर्मल इमेजिंग तकनीक से ग्रामीण क्षेत्रों में हृदय रोग और ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती जांच की जा सकती है।
शिक्षा में बढ़ेगी सीखने की क्षमता
शिक्षा क्षेत्र में भी एआई नई संभावनाएं खोल रहा है। प्रतिभागी दीपक ने बताया कि बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों के 10 से 20 हजार छात्रों को एआई में प्रशिक्षित किया जाएगा। इंटर्नशिप कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा में एआई के व्यावहारिक उपयोग के लिए तैयार किया जाएगा।
बहुभाषी रोबोट बना आकर्षण का केंद्र
बिहार पैवेलियन में प्रदर्शित बहुभाषी रोबोट खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह रोबोट रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे या होटल में रिसेप्शनिस्ट की भूमिका निभा सकता है और किसी भी भाषा में पूछे गए सवालों का उसी भाषा में जवाब देने में सक्षम है। इसके अलावा, एआई आधारित उपकरण बिना मानव हस्तक्षेप के कचरा प्रबंधन और बड़े नालों की सफाई जैसे कार्यों में भी उपयोगी साबित हो रहे हैं।
लोकतंत्र के आधुनिकीकरण की दिशा में पहल
बिहार के निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने चुनाव प्रक्रिया में एआई के उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मतगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए एआई तकनीक का उपयोग किया जाएगा। एआई आधारित सिस्टम के जरिए मतगणना केंद्र के भीतर की गतिविधियों की निगरानी बाहर से भी की जा सकेगी। इसके साथ ही मतदान केंद्रों पर विसंगतियों और सुरक्षा की निगरानी के लिए एआई आधारित सर्विलांस तकनीक का उपयोग संभव होगा।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में बिहार की मजबूत और दूरदर्शी प्रस्तुति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य तकनीकी नवाचारों के माध्यम से विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में एआई के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।












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