Bihar News: 1 अरब डॉलर से संवरेगा बिहार! MSME, सड़क और बिजली क्षेत्र के लिए ADB का बड़ा निवेश प्रस्ताव
मुख्य सचिव बिहार की वृद्धि में तेजी लाने के लिए एशियाई विकास बैंक के साथ एक उच्च‑स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हैं। प्रस्तावों में शहरी बुनियादी ढांचे, जल संसाधन, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा और कुशल कार्यबल विकास में 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश शामिल है, जिसमें जलवायु लचीलापन और सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
बिहार के सर्वांगीण विकास को गति देने के उद्देश्य से मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एशियाई विकास बैंक (ADB) के साथ एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव एवं सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में वित्त, शिक्षा, जल संसाधन, कृषि, नगर विकास एवं आवास, नागरिक विमानन, पथ निर्माण, उद्योग, पर्यटन तथा युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि बिहार अपनी आर्थिक और आधारभूत संरचना के प्रमुख क्षेत्रों में व्यापक सुधार और विस्तार के लिए तैयार है। उन्होंने भरोसा जताया कि एडीबी के साथ साझेदारी राज्य के विकास में अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही आश्वस्त किया कि प्रस्तुत प्रस्तावों पर शीघ्र विचार कर राज्य सरकार ठोस कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ेगी।
बैठक के दौरान एडीबी की कंट्री डायरेक्टर मियो ओका ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए बिहार सरकार के साथ संभावित सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों को रेखांकित किया। प्रस्तुतीकरण में एक अरब डॉलर से अधिक के निवेश से जुड़ी कई प्रमुख परियोजनाओं का प्रस्ताव रखा गया, जिनमें शामिल हैं—
1. व्यापक बौद्ध सर्किट विकास2. जल संसाधन एवं कृषि रूपांतरण परियोजना3. व्यापक कौशल विकास परियोजना4. चयनित शहरों के लिए शहरी बुनियादी ढांचा एवं लचीलापन परियोजना5. ऊर्जा क्षेत्र सुधार* नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार एवं ग्रिड एकीकरण सुदृढ़ीकरण* भविष्य के लिए तैयार वितरण ग्रिड6. बिहार स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा रूपांतरण परियोजना
इसके अतिरिक्त, बैठक में पारंपरिक परियोजनाओं से आगे बढ़ते हुए भविष्य उन्मुख पहल पर भी चर्चा की गई। इनमें महिलाओं पर केंद्रित एमएसएमई विकास, विनिर्माण क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता और लॉजिस्टिक्स सुधार, सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करना तथा पीपीपी मॉडल को बढ़ावा देना शामिल है। स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए 'स्कूल रेडीनेस गैप’ को कम करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
गया और मुजफ्फरपुर में एकीकृत क्लस्टर विकसित कर राज्य के विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को सशक्त बनाने की योजना पर विचार हुआ। साथ ही पूंजीगत व्यय की दक्षता और राजस्व संग्रह में सुधार के लिए सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन सुधारों पर भी चर्चा की गई।
बैठक के दौरान प्रतिनिधियों ने कहा कि बिहार के साथ एडीबी का रणनीतिक जुड़ाव बहु-क्षेत्रीय और उच्च प्रभाव वाले समाधानों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वैश्विक विशेषज्ञता और रियायती पूंजी के संयोजन से बिहार को उच्च उत्पादकता और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर करने का लक्ष्य रखा गया है। यह बैठक राज्य में सतत आर्थिक प्रगति और विकास के नए आयाम स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।












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