जाकिर नाइक की बढ़ी मुश्किलें, ईडी बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में
नई दिल्ली। विवादित धर्म उपदेशक जाकिर नाइक की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है। ईडी जाकिर नाइक को इंटरपोल की मदद से रेड कॉर्नर नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है। साथ ही मलेशिया से नाइक के प्रत्यर्पण की कोशिशों को भी ईडी ने तेज कर दिया है। बता दें कि ईडी को मुंबई स्पेशल कोर्ट ने जाकिर नाइक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।

चार्जशीट दायर
इससे पहले ईडी ने जाकिर नाइक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोर्ट में चार्जशीट दायर की थी। जिसके बाद इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 19 जून तय की गई है। माना जा रहा है कि इस सुनवाई में कोर्ट ईडी को वारंट जारी कर सकती है। वारंट मिलने के साथ ही ईडी इंटरपोल के जरिए जाकिर नाइक के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की अपील कर सकती है, जिससे कि इंटरपोल के सभी सदस्य देशों में जाकिर नाइक के खिलाफ शिकंजा कसा जा सके।
मलेशिया में रह रहा नाइक
बता दें कि मलेशिया भी इंटरपोल का सदस्य देश है, उसने भारत के साथ प्रत्यर्पण की संधि 2010 में साइन की थी। वारंट मिलने के बाद ईडी जाकिर नाइक के खिलाफ फ्युजिटिव इकोनॉमि ऑफेंडर्स एक्ट के तहत अपनी कार्रवाई शुरू कर सकती है। बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग और युवाओं को आतंक के लिए उकसाने समेत कई मामलों का सामना कर रहे नाइक ने कहा है कि अगर सुप्रीम कोर्ट उसे गिरफ्तारी से बचाने का भरोसा दे तो वह भारत लौट आएगा। द वीक मैगजीन को एक इंटरव्यू में नाइक ने ये बात कही है।
2016 से फरार है
नाइक 2016 से भारत से फरार है और मलेशिया में रह रहा है।नाइक ने कहा है कि भाजपा की सरकार के आने से पहले भारत में सत्ता के खिलाफ बोला जा सकता था और 80 फीसदी मौकों पर इंसाफ भी मिलता था। भाजपा की सरकार आने के बाद इंसाफ होने की उम्मीदें 20 फीसदी से ज्यादा नहीं रहती हैं। नाइक ने कहा कि 90 फीसदी मुसलमान जिन्हें आतंक से जुड़े आरोपों में गिरफ्तार किया गया। वो 10-15-20 साल के बाद रिहा हो गए। जिंदगी के 10 साल चले जाने के बाद क्या बचता है, ऐसे में मैं पागल नहीं जो भारत जाकर सारी उम्र खुद को बेकसूर बताते हुए जेल में बिता हूं।












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