मलयालम अभिनेता सिद्दीकी को बड़ी राहत, बलात्कार के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दी अग्रिम जमानत
Actor Siddique Get Relief: मलयालम सिनेमा पर अब भी छाए संकट मंडरा रहे हैं। जस्टिस हेमा कमेटी की रिपोर्ट के बाद एक के बाद एक अभिनेता पर कानूनी तलवार लटक रही है। हालांकि, इस बीच अभिनेता सिद्दीकी को राहत भी मिली है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले में सिद्दीकी को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दे दी है।
दुष्कर्म के मामले में न्यायमूर्ति बेला एम. त्रिवेदी और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने सिद्दीकी की याचिका पर हियरिंग की और अंतरिम जमानत दे दी। सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता सिद्दीकी को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण दिया है।

इससे पहले सुनवाई शुरू होते ही शीर्ष अदालत ने पीड़िता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील वृंदा ग्रोवर से अभिनेता के खिलाफ शिकायत दर्ज करने में विलंब के वजह के बारे में पूछा। वकील ने पीठ से कहा कि न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट, जिसने मलयालम फिल्म जगत में महिलाओं द्वारा सामना किए जाने वाले उत्पीड़न और यौन शोषण को सामने लाया है। सिद्दीकी की ओर वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पेश किया कि आठ वर्ष के अंतराल के बाद 2024 में शिकायत दर्ज की गई है।
ज्ञात हो कि केरल उच्च न्यायालय ने दुष्कर्म के एक मामले में 24 सितंबर को सिद्दीकी की अग्रिम जमानत याचिका रद्द करते हुए कहा था कि उनपर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अपराध की सही जांच के लिए अभिनेता को हिरासत में लेकर पूछताछ करना अपरिहार्य है।
न्यायालय ने कहा था कि चूंकि सिद्दीकी ने अपने बचाव में घटना से पूरी तरह इनकार किया था, इस कारण से उनका परीक्षण अभी नहीं हुआ है और इस बात की सही आशंका है कि वह गवाहों को डरा सकते हैं और सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। इस कारण से उन्हें राहत देने के लिए "अदालत की विवेकाधीन शक्तियों का प्रयोग करना सही नहीं होगा ।
हालांकि, कोर्ट ने यह स्पष्ट किया था कि आदेश में उसके द्वारा की गई टिप्पणियों को मामले के गुण और दोष की अभिव्यक्ति के रूप में नहीं माना जाएगा। सिद्दीकी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (दुष्कर्म) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत अपराध कायम किए गए थे।
यह भी पढ़े CG: एनआईए ने कांग्रेस नेताओं और पत्रकार के घर दी दबिश, जानिए मामला












Click it and Unblock the Notifications