भूटान ने चीन के सामने तरेरी आंखें

गत दिन नरेंद्र मोदी के भारत लौटने के बाद मंगलवार को भूटान ने सीधे चीन से सामना किया। चीन का कहना था कि भूटान में वह अपना एक दूतावास बनाना चाहता है लेकिन भूटान ने चीन को आंखें दिखाते हुए ऐसा करने से साफ इंकार कर दिया है। यह बात तो सभी जानते हैं कि जिस तरीके से चीन ने तिब्बत को अपना निशाना बनाया है वैसे ही भूटान को भी चीन स्वयं में मिलाना चाहता है।
इस मसले पर एक समस्या भी उत्पन्न हो गई है। भारत इस बात को भली भांति जानता है कि चीन भूटान से कई सारे कूटनीतिक रिश्ते कायम करना चाहता है। यहां पर यह भी बताना जरूरी है कि चीन और भारत के बिल्कुल बीच में भूटान देश बसा हुआ है। नरेंद्र मोदी का भूटान दौरा भी कई मायनों में सिर्फ इसलिए ही यिका गया था कि भूटान से रिश्ते मजबूत हों और चीन को करारा जवाब दिया जा सके। चीन, भारत की इस कूटनीति को भली-भांति समझता है इसलिए भूटान में अपना दूतावास बनाने की योजना बना रहा है।












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