भीमा-कोरगांव हिंसा: संभाजी भिड़े की गिरफ्तारी को लेकर दलितों का 'यलगार मार्च'
संभाजी भिड़े की गिरफ्तारी को लेकर आज पुणे से दलितों का 'यलगार मार्च' मुंबई के आजाद मैदान में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है।
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में पिछले दिनों हुई भीमा-कोरगांव हिंसा में मुख्य आरोपी संभाजी भिड़े की गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई है। संभाजी भिड़े की गिरफ्तारी को लेकर आज पुणे से दलितों का 'यलगार मार्च' मुंबई के आजाद मैदान में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। भारतीय रिपब्लिक बहुजन महासंघ के नेता प्रकाश अंबेडकर की अगुवाई में बड़ी संख्या में दलित समुदाय के लोग संभाजी भिड़े की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। प्रकाश अंबेडकर ने आरोप लगाया है कि पीएमओ के निर्देश पर संभाजी भिड़े को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है।

गौरतलब है कि प्रकाश अंबेडकर ने इससे पहले चेतावनी दी थी कि अगर संभाजी भिड़े को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह बड़ा आंदोलन करेंगे। भिड़े भीमा कोरेगांव के युद्ध के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर हुई हिंसा में आरोपी हैं। प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि संभाजी भिड़े को गिरफ्तार नहीं करके राज्य सरकार उन लोगों को बढ़ावा दे रही है जो पाकिस्तान के हाफिज सईद के तरीके को अपनाना चाहते हैं। मैं पूरी कोशिश कर रहा हूं कि लोग शांत रहे और स्थिरता बनाए रखें, लेकिन अब अगर सरकार कदम नहीं उठाती है तो उसे इसका भारी परिणाम भुगतना पड़ेगा।
1 जनवरी को हुई थी हिंसा
आपको बता दें कि इसी साल भीमा कोरेगांव में 1 जनवरी को हिंसा हुई थी। इस हिंसा में शिव प्रतिष्ठान संगठन के प्रमुख व हिंदूवादी नेता संभाजी भिड़े और मिलिंद एकबोटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एकबोटे को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन अभी तक संभाजी भिड़े गिरफ्त से बाहर है। गिरफ्तारी पर पुलिस की चुप्पी के खिलाफ दलित संगठनों ने पुणे से मुंबई तक मार्च निकालने का फैसला किया था। जिसके तहत आज बड़ी संख्या में दलित समाज के लोक आजाद मैदान पहुंच गए हैं।












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