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चंद्रशेखर रावण ने अपने गांव के बोर्ड पर क्यों लिखा-द ग्रेट चमार

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    नई दिल्ली। भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण को उत्तर प्रदेश सरकार ने रिहा कर दिया है। शासन स्तर से रिहाई का आदेश आने के बाद गुरुवार रात करीब 2 बजे वो जेल से बाहर आए। सहारनपुर के चंद्रशेखर मई 2017 से राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत जेल में बंद थे। भीम आर्मी का गठन उन्होंने कई साल पहले किया था लेकिन चंद्रशेखर का नाम बीते साल दलित-ठाकुरों में हुए टकराव के बाद तेजी से सुर्खियों में आया था। इसके अलावा मूछें रखने के स्टाइल और नाम के साथ रावण लिखने के साथ-साथ उनके गांव के बाहर लगा एक बोर्ड भी खूब चर्चा में रहा। इस बोर्ड को लेकर काफी विवाद भी हुआ था।

    इसलिए लगाया ग्रेट चमार का बोर्ड

    इसलिए लगाया ग्रेट चमार का बोर्ड

    गांव घडकौली में 'द ग्रेट चमार' का बोर्ड लगाया गया है। ये बोर्ड सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहा है। चंद्रशेखर ने इसको लेकर उस वक्त बताया था कि पूरे क्षेत्र में ये आम है कि गांवों को जाति से पहचाना जाता है यहां तक कि वाहनों तक पर जाति के नाम लिखे होते हैं। इसलिए हमने भी 'द ग्रेट चमार' का बोर्ड लगाया।

    इस बोर्ड पर 'द ग्रेट चमार घडकौली आपका हार्दिक अभिनन्दन करता है' लिखा था। गांव में ये बोर्ड लगाने पर दूसरी जाति के लोगों ने विरोध किया। बोर्ड और भीमरव अंबेडकर की मूर्ति पर उन्होंने कालिख पोत दी गई। इस पर चंद्रशेखर ने महापंचायत बुलाई जिसमें करीब पांच हजार लोग शामिल हुए। इस महापंचायत ने चंद्रशेखर को पहली बार बड़ी पहचान दी।

     रावण कहलाना पसंद

    रावण कहलाना पसंद

    देहरादून से लॉ की पढ़ाई करने वाले चंद्रशेखर खुद को 'रावण' कहलाना पसंद करते हैं। वो कहते हैं कि "रावण अपनी बहन शूर्पनखा के अपमान के कारण सीता को उठा लाता है लेकिन उनको भी सम्मान के साथ रखता है। भले ही रावण का नकारात्मक चित्रण किया जाता रहा हो लेकिन जो शख्स अपनी बहन के सम्मान के लिए लड़े और अपना सब कुछ दांव पर लगाए वो गलत कैसे हो सकता है।

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    रासुका के तहत जेल में थे चंद्रशेखर

    रासुका के तहत जेल में थे चंद्रशेखर

    भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण को मई 2017 में सहारनपुर में जातीय दंगा फैलाने के आरोप में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासूका) के तहत जेल भेजा गया था। बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने रावण को जेल से रिहा करने का आदेश दिया था। रावण को 16 महीने बाद जेल से रिहा किया गया है।

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    English summary
    bhim army chandrashekhar alias ravan village great chamar board

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