जानिए, 'भारत रत्न' पुरस्कार के साथ मिलती हैं कौन-कौन सी सुविधाएं
भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, गायक भूपेन हजारिका और भारतीय जनसंघ के नेता नानाजी देशमुख को गुरुवार को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया।
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नई दिल्ली। भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, गायक भूपेन हजारिका और भारतीय जनसंघ के नेता नानाजी देशमुख को गुरुवार को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने यह पुरस्कार दिया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और सीजेआई रंजन गोगोई समेत कई दिग्गज हस्तियां मौजूद थीं। भूपेन हजारिका और नानाजी देशमुख को मरणोपरांत यह सम्मान दिया गया है। इन तीनों को भारत रत्न दिए जाने की घोषणा सरकार पहले ही कर चुकी थी। आइए जानते हैं कि भारत रत्न पुरस्कार मिलने वाले को साथ में और कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं।

सरकारी सेवाओं में मिलती हैं सुविधाएं
भारत रत्न देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। हालांकि भारत रत्न पुरस्कार के तहत कोई धनराशि नहीं दी जाती। यह सम्मान पाने वाले व्यक्ति को भारत सरकार की तरफ से एक प्रमाणपत्र और एक तमगा दिया जाता है। भारत रत्न एक तांबे के बने पीपल के पत्ते जैसा होता है, जिसमें सामने की तरफ प्लेटिनम से सूरज का चित्र बना होता है। इसपर सामने की तरफ सूरज के चित्र के साथ भारत रत्न लिखा होता है। भारत रत्न से सम्मानित व्यक्ति को सरकारी सेवाओं में कुछ सुविधाएं दी जाती हैं। मसलन वॉरंट ऑफ प्रेसिडेंस में भारत रत्न प्राप्तकर्ता को जगह दी जाती है। वॉरंट ऑफ प्रेसिडेंस का इस्तेमाल सरकारी कार्यक्रमों में लोगों को वरीयता देने के लिए होता है।

रेलवे और डीटीसी में मुफ्त यात्रा
इसके अलावा भारत रत्न प्राप्त करने वाले को प्रोटोकॉल में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, पूर्व राष्ट्रपति, उप-प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, लोकसभा स्पीकर, कैबिनेट मंत्री, मुख्यमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री और संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के नेता के बाद जगह दी जाती है। भारत रत्न पाने वालों को भारतीय रेलवे की ओर से मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाती है। सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए सरकार की तरफ से भारत रत्न प्राप्तकर्ता को निमंत्रण दिया जाता है। केंद्र सरकार के अलावा राज्य सरकारें भी भारत रत्न से सम्मानित व्यक्ति को कुछ खास सुविधाएं प्रदान करती हैं। दिल्ली सरकार, दिल्ली परिवहन निगम की बसों में भारत रत्न प्राप्तकर्ता को मुफ्त यात्रा की सुविधा देती है।

भूपेन हजारिका और नानाजी देशमुख को मरणोपरांत भारत रत्न
आपको बता दें कि भारत रत्न सम्मान का ऐलान गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी को किया गया था। गुरुवार को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी अपना सम्मान लेने स्वयं राष्ट्रपति भवन पहुंचे। वहीं, दिवंगत नानाजी देशमुख की जगह दीन दयाल रिसर्च इंस्टिट्यूट के चेयरमैन वीरेंद्रजीत सिंह ने भारत रत्न सम्मान ग्रहण किया। गायक भूपेन हजारिका की जगह उनके बेटे तेज हजारिका ने भारत रत्न सम्मान प्राप्त किया।

अहम योगदान के लिए दिया गया भारत रत्न
प्रणब मुखर्जी देश के उन चुनिंदा नेताओं में एक हैं, जिन्हें न केवल सत्ता पक्ष बल्कि विपक्षी दलों के नेताओं से भी हमेशा सम्मान मिला। वहीं, नानाजी देशमुख भारतीय जनसंघ के दिग्गज नेता और एक समाजसेवी थे। नानाजी ने राजस्थान और उत्तर प्रदेश में समाज सेवा के क्षेत्र में काफी काम किया था। भूपेन हजारिका एक बेहतरीन गायक, कवि, गीतकार, संगीतकार, फिल्मकार और लेखक थे। उन्होंने गंगा नदी की दुर्दशा को लेकर 'ओ गंगा बहती है क्यों' गाया, जिसे न केवल देश बल्कि विदेशों में भी खूब सराहना मिली।












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