Rahul Gandhi Kashmiri Pandits के बीच पहुंचे, LG मनोज सिन्हा से कहा- भीख नहीं हक मांग रहे कश्मीरी, माफी मांगें
भारत जोड़ो यात्रा अंतिम दौर में है। जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में पदयात्रा कर रहे राहुल गांधी और कांग्रेस नेता कश्मीरी पंडितों के बीच पहुंचे। उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से माफी मांगने को कहा।

भारत जोड़ो यात्रा के दौरान Rahul Gandhi Kashmiri Pandits के बीच पहुंचे। उन्होंने LG मनोज सिन्हा से कहा कि कश्मीरी पंडित भीख नहीं हक मांग रहे हैं। उपराज्यपाल अपने बयान के लिए माफी मांगें।
माफी मांगें उपराज्यपाल
कश्मीरी पंडितों के बीच पहुंचे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल ने कश्मीरी पंडितों के डेलीगेशन को भीख न मांगने की नसीहत दी, जो गलत है, उन्हें इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।
राहुल ने क्या आरोप लगाया ?
भारत जोड़ो यात्रा की वीडियो शेयर कर कांग्रेस पार्टी ने ट्विटर हैंडल पर लिखा, "जब कश्मीरी पंडितों का एक डेलिगेशन लेफ्टिनेंट गवर्नर से मिलने गया तो LG ने उनसे कहा कि 'तुम्हें भीख नहीं मांगनी चाहिए' मैं लेफ्टिनेंट गवर्नर जी से कहना चाहता हूं कि ये भीख नहीं, अपना हक मांग रहे हैं। आपको कश्मीरी पंडितों से माफी मांगनी चाहिए।"
कश्मीरी पंडित राहुल से मिले
भारत जोड़ो यात्रा जम्मू के सांबा में है। सांबा जिले में कश्मीरी प्रवासी पंडितों का एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भारत जोड़ो यात्रा के दौरान मिलने पहुंचा। कश्मीरी पंडितों ने राहुल को आतंकवादियों की कायराना और नृशंस हरकत "टारगेट किलिंग" और प्रधानमंत्री के पैकेज के तहत नियोजित लोगों के विरोध सहित और कई मुद्दों पर भी जानकारी दी।
UPA सरकार में नौकरी मिली, अब वेतन रूका
सामाजिक कार्यकर्ता अमित कौल भी इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों ने राहुल गांधी को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के पास जगती टाउनशिप में आमंत्रित किया है। यहां उनके कश्मीर जाने के रास्ते में कश्मीरी पंडित समुदाय से मिलने की संभावना है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक कौल ने बताया, हमने राहुल गांधी के साथ बहुत अच्छी बातचीत की। हमने उन्हें समुदाय के मुद्दों के बारे में जानकारी दी, विशेष रूप से प्रधानमंत्री के पैकेज के तहत नौकरी पाने वाले कर्मचारी पिछले छह महीनों से विरोध कर रहे हैं। जम्मू में उनके वेतन को रोक दिया गया है। कौल ने कहा कि इन लोगों को पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली पिछली यूपीए सरकार के कार्यकाल में नौकरी मिली थी।
क्यों हड़ताल पर हैं कर्मचारी ?
इस रिपोर्ट में कहा गया कि 2008 में घोषित किए गए प्रधानमंत्री रोजगार पैकेज के तहत चयन के बाद लगभग 4,000 कश्मीरी प्रवासी पंडितों को घाटी में विभिन्न विभागों में नौकरी मिली। हालांकि, पिछले साल 12 मई को बडगाम जिले में आतंकवादियों ने राहुल भट की गोली मारकर हत्या कर दी। ऑफिस में घुसकर हुई नृशंस हत्या के बाद कई कर्मचारी जम्मू भाग गए थे, जिसे टारगेट किलिंग का मामला बताया गया। सभी कर्मचारी घाटी से बाहर स्थानांतरित करने की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं।
राहुल खुद जगती बस्ती का दौरा करेंगे
सामाजिक कार्यकर्ता अमित कौल ने कहा, "हमने राहत बढ़ाने की जरूरत सहित समुदाय के अन्य मुद्दों को भी उठाया। हमने उनसे हमारी बस्ती जगती जाने या एक प्रतिनिधिमंडल भेजने का अनुरोध किया। इस पर राहुल गांधी ने आश्वासन दिया कि वह स्वयं जगती का दौरा करेंगे और संसद के भीतर और बाहर उनके मुद्दों को उठाएंगे।" कश्मीरी पंडित समुदाय के एक अन्य सदस्य जितेंद्र काचरू ने कहा कि वह प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों के साथ राहुल गांधी से मिलने के लिए उत्तर प्रदेश से आए हैं। वह कश्मीर से पलायन करने के बाद यहां बस गए हैं।
राहुल ने पूरे धैर्य से सुनी बातें
जितेंद्र काचरू ने कहा, राहुल गांधी बहुत अच्छे इंसान और बहुत ही सरल व्यक्ति हैं। उन्होंने धैर्यपूर्वक हमारे मुद्दों को सुना। यह दिल छू लेने वाला था कि उनके पास हमारी बात सुनने का पर्याप्त समय था। उन्होंने कहा कि वे शुरू में उनसे 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के रूप में मिलने वाले थे, लेकिन कई और उनके साथ शामिल हो गए और "हमने उन मुद्दों को उठाया जो समुदाय सामना कर रहा है।"
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मिलजुल कर रहते थे सभी लोग
भाजपा अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए समुदाय का उपयोग करने का आरोप लगाते हुए काचरू ने कहा, "वे वास्तव में कश्मीरी पंडितों की समस्याओं को हल करने के लिए नहीं हैं। उनके लिए धर्म के आधार पर नफरत फैलाना उनके लिए एक राजनीतिक एजेंडा है। उन्होंने कहा, मुस्लिम और हिंदू दोनों कश्मीर में एक साथ रहते थे। हम संस्कृति, पहनावा और सरनेम भी साझा करते हैं। इस तरह का माहौल कभी नहीं था, और हम सभी एक साथ रह रहे थे।












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