Bharat Bandh: क्या भारत बंद किसानों के चल रहे विरोध प्रदर्शन से अलग है? 10 प्वाइंट में समझें
किसान संघ संयुक्त किसान मोर्चा ने 16 फरवरी को सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे के बीच ग्रामीण भारत बंद का आह्वान किया है। चूंकि यह ग्रामीण बंद है, इसलिए सभी कृषि गतिविधियों पर रोक रहेगी। गांव की दुकानें, बाजार और व्यवसाय बंद रहेंगे, क्योंकि कई श्रमिक संघों ने बंद को समर्थन दिया है।
वाम दल और कांग्रेस भी बंद का समर्थन करते हैं। यह बंद पंजाब-हरियाणा सीमा पर चल रहे किसानों के विरोध प्रदर्शन से अलग है, क्योंकि ये अलग-अलग संगठनों द्वारा बुलाए गए दो अलग-अलग विरोध प्रदर्शन हैं। लेकिन मोटे तौर पर नजर डालेंगे तो, वे एक ही हैं, क्योंकि मांगें किसानों के लिए हैं।

कल भारत बंद और किसानों का विरोध प्रदर्शन 10 पॉइंट में समझें...
- पंजाब के किसानों ने कई अन्य चीजों के अलावा एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग करते हुए 13 फरवरी को 'चलो दिल्ली' शुरू किया। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने इस विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। उनका इरादा दिल्ली में एंट्री का था, लेकिन उन्हें हरियाणा पुलिस ने पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर रोक दिया है। 13 फरवरी की रात से ये किसान बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं।
- किसान यूनियनों ने 2020-21 में अपने विरोध प्रदर्शन के बाद से कई बिखराव देखे हैं, जिसके कारण सरकार को तीन कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ा। जबकि संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) चलो दिल्ली विरोध में शामिल नहीं हुआ। एसकेएम ने केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ कल यानी शुक्रवार को ग्रामीण भारत बंद का आह्वान किया है।
- दोनों विरोध प्रदर्शनों की मांगें समान हैं। जिसमें स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के आधार पर सभी फसलों के लिए एमएसपी, खरीद की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी, बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं और स्मार्ट मीटर नहीं शामिल है। उन्होंने खेती, घरेलू उपयोग और दुकानों के लिए मुफ्त 300 यूनिट बिजली, व्यापक फसल बीमा और पेंशन में 10,000 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी की भी मांग की।
- किसानों का विरोध गुरुवार को और बढ़ गया जब भारतीय किसान यूनियन ने हरियाणा में टोल न देने का आह्वान किया। ये किसान यूनियन द्वारा अंदरूनी तौर पर लिए गए फैसलों में से एक है।
- ग्रामीण भारत बंद एसकेएम और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे के बीच सभी कृषि कार्यों को रोक करने का संयुक्त आह्वान है। हड़ताल का समर्थन करने वाली मशहूर हस्तियों में अर्थशास्त्री प्रभात पटनायक, इतिहासकार इरफान हबीब, आर्थिक इतिहासकार नासिर तैयबजी, सांस्कृतिक कार्यकर्ता अनिल चंद्रा और पत्रकार पी साईनाथ शामिल हैं।
- 16 फरवरी को ग्रामीण भारत बंद और किसानों का विरोध एक हो जाएगा, क्योंकि किसान दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक देशभर की मुख्य सड़कों पर चक्का जाम में शामिल होंगे। पूरे देश में परिवहन प्रभावित होने की संभावना है। पंजाब में राजमार्ग बंद रहेंगे, क्योंकि सरकार विरोध का समर्थन कर रही है।
- भारत बंद यह सुनिश्चित करेगा कि कोई आपातकालीन सेवाएं प्रभावित न हों, लेकिन कोई भी किसान, कृषि श्रमिक या ग्रामीण कार्यकर्ता शुक्रवार को काम नहीं करेगा।
- भारत बंद के दिन सब्जियों और अन्य फसलों की आपूर्ति और खरीद बंद रहेगी।
- किसानों के चल रहे विरोध के बीच, कांग्रेस ने कहा कि अगर वह सत्ता में आई तो एमएसपी को कानूनी गारंटी देगी। इससे राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। क्योंकि बीजेपी ने पूछा कि पार्टी ने 2010 में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू क्यों नहीं किया जब वह सत्ता में थी।
- हालांकि एसकेएम ने कहा कि ग्रामीण भारत बंद के कारण परीक्षा देने जा रहे छात्रों को कोई परेशानी नहीं होगी, लेकिन पंजाब में परीक्षा स्थगित करने की मांग की जा रही है, जहां हड़ताल का असर सबसे ज्यादा होगा।












Click it and Unblock the Notifications