कोरोना के जिस BF.7 वेरिएंट ने चीन में मचाया कहर, उसके चार मरीज भारत में मिले
गुजरात में BF.7 वेरिएंट की पुष्टि हुई है। इस वेरिएंट ने चीन में काफी ज्यादा कहर मचाया है। जिस वजह से सरकार की चिंता बढ़ गई है।

चीन में कोरोना महामारी के हालात काफी ज्यादा बिगड़ गए हैं, वहां लगातार लोगों की जान जा रही। इस बीच भारत के लिए भी एक चिंताजनक खबर सामने आई है, क्योंकि भारत में भी BF.7 वेरिएंट के कई मरीज मिले हैं। इस वेरिएंट के पहले दो मामले गुजरात में आए थे, लेकिन सूत्रों के मुताबिक देशभर में इनकी संख्या चार हो गई है।
जानकारी के मुताबिक वडोदरा में एक NRI महिला कोरोना वायरस से संक्रमित है। वो 9 नवंबर को विदेश से लौटी थीं। कुछ दिनों बाद वो कोरोना वायरस से संक्रमित हो गईं। जब उनकी विस्तृत जांच की गई तो BF.7 वेरिएंट की पुष्टि हुई। इसे भारत में BF.7 वेरिएंट का पहला मामला माना जा रहा। हालांकि वैज्ञानिक आशंका जाता रहे कि विदेश से लौटे कई अन्य लोग भी इसकी चपेट में हो सकते हैं। ऐसे में सबकी जांच जरूरी है। वहीं गुजरात स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि जुलाई-अक्टूबर-नवंबर-2022 में ओमिक्रॉन के BF.7 और BF 12 वेरिएंट से संक्रमित दो मरीज सामने आए थे। इन मरीजों का होम आइसोलेशन में इलाज किया गया और पूरी तरह से ठीक हो गए हैं।
केंद्र में हाईलेवल बैठक
वहीं दूसरी ओर केंद्र भी इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही। बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने एक हाईलेवल बैठक की। इस दौरान कोरोना के हालात और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। मामले में नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने बताया कि घबराने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार और उनकी टीम इस मामले पर नजर बनाए हुए है। मीटिंग में ये तय हुआ कि हर हफ्ते समीक्षा बैठक की जाएगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि लोगों को अब भीड़भाड़ वाले इलाके में मास्क पहनना चाहिए। इसके अलावा सभी पात्र लोग बूस्टर डोज ले लें।
क्या है लक्षण?
वैज्ञानिकों के मुताबिक चीन में जो BF.7 फैला है, वो BF.5 का सब-वेरिएंट है। इसका वैज्ञानिक नाम BA.5.2.1.7 है। वैसे तो ये वेरिएंट नया है, ऐसे में अभी इस पर बहुत शोध होना बाकी है। वैज्ञानिकों के मुताबिक ये वेरिएंट बहुत जल्द लोगों को शिकार बनाता है। इसके लक्षण भी जल्द दिखने लगते हैं। ये वेरिएंट श्वसन तंत्र के ऊपरी हिस्से को इन्फेक्ट करता है।












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