Bengaluru में कहां होगी मॉक ड्रिल? राजधानी के अलावा कर्नाटक के केवल इन दो शहरों में क्यों हो रही
Bengaluru mock drill: पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बाद देश में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। युद्ध संबंधी खतरों के बीच गृह मंत्रालय के आदेश पर 7 मई 2025 को देश भर में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल करवाई जाएगी। नागरिकों को संभावित आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से इसे करवाया जा रहा है।
गृह मंत्रालय ने एक दिन पहले राज्यों की सूची जारी की थी जिसमें राज्यों के उन शहरों का नाम भी बताया गया था जहां पर मॉक ड्रिल का आयोजन 7 मई को होना है। कर्नाटक में राजधानी बेंगलुरु के साथ जिला रायचूर और कारवार में ये मॉक ड्रिल होगी। आइए जानते हैं कर्नाटक में आखिर इन्हीं जिलों में मॉक ड्रिल का आयोजन क्यों करवाया जा रहा है?

बेंगलुरु में क्यों करवाई जा रही मॉक ड्रिल?
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु आईटी और बायोटेक सेक्टर के साथ यहां पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) है। इसके अलावा येलहंका में इंडियन एयर फोर्स बेस और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन जैसे प्रमुख प्रतिष्ठान हैं। इसलिए बेंगलुरु शहर के सामरिक महत्व के कारण इस पर खतरा भी अधिक है। इसलिए किसी भी तरह के हमले के खिलाफ़ सेना ही नहीं नागरिक सुरक्षा की भी तैयारी जरूरी है।
बेंगलुरु में कहां होगी मॉक ड्रिल?
बेंगलुरु के मल्लेश्वरम में मॉक ड्रिल करवाने का आदेश जारी किया गया है। ये मॉक ड्रिल 7 मई को शाम चार बजे नागरिक सुरक्षा मुख्यालय, 01, अन्नास्वामी मुदलियार रोड, उलसूर, बेंगलुरु में आयोजित किया जाएगा।
बेंगलुरू में कहां-कहां बजेंगे सायरन?
पुलिस विभाग द्वारा जारी की गई सूचना के अनुसार पुलिस स्टेशनों और दमकल स्टेशनों सहित 35 स्थानों पर हवाई हमले पर बजाए जाने वाले सायरन लगाए गए हैं। 7 मई शाम 4 बजे मॉक ड्रिल के सायरन बेंगलुरू में इंडियन इंस्टीट्यूट, सीक्यूएल, ईएसआई अस्पताल, एनएएल, बेंगलुरू डेयरी, केनरा बैंक, एसआरएस पीन्या, वी.वी. टावर फायर स्टेशन, ज्ञानभारती फायर स्टेशन, थानिसांद्रा फायर स्टेशन, बनासवाड़ी फायर स्टेशन, यशवंतपुर फायर स्टेशन, बनशंकरी फायर स्टेशन, राजाजीनगर फायर स्टेशन, चामराजपेट फायर स्टेशन, कमर्शियल स्ट्रीट पुलिस स्टेशन। हलासुरू गेट पुलिस स्टेशन, हलासुरू पुलिस स्टेशन, उप्परपेट पुलिस स्टेशन, राजराजेश्वरी नगर पुलिस स्टेशन, कामाक्षीपाल्या पुलिस स्टेशन, के.आर. मार्केट पुलिस स्टेशन, व्यालिकावल पुलिस स्टेशन, हलासुरू होम गार्ड्स मुख्यालय, पीन्या फायर स्टेशन, बेंगलुरू ग्रामीण होम गार्ड्स कार्यालय, बगलूर फायर स्टेशन, अंजनापुरा फायर स्टेशन, आईटीपीएल फायर स्टेशन, सरजापुर फायर स्टेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी फायर स्टेशन और डेयरी सर्कल फायर स्टेशन पर बजाए जाएंगे।
कितनी दूर तक सुनाई देगा सायरन?
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सायरन उस स्थान से 3 से 4 किलोमीटर दूर से सुने जा सकते हैं। अगर यह डेयरी सर्कल में है, तो फ़ोरम के पास रहने वाले लोग इसे सुन सकते हैं, इन एयर सायरन में 3 चरण होते हैं। इसलिए तीन अलग-अलग सायरन सुनाई देंगे
कर्नाटक के कारवार जिले में क्यों हो रही मॉक ड्रिल?
कर्नाटक के कारवार में भी मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है क्योंकि यहां पर कैगा परमाणु ऊर्जा स्टेशन है। जो देश की तीसरी सबसे बड़ी भारतीय परमाणु ऊर्जा का केंद्र है। इसके अलावा यहां पर आईएनएस कदंबा नौसैनिक अड्डा है।
कर्नाटक के रायचूर में मॉक ड्रिल क्यों?
कर्नाटक के रायचूर में मॉक ड्रिल का आयोजन करवाया जा रहा है। यहां पर राज्य का पहला कोयला आधारित बिजली उत्पादन स्टेशन, रायचूर थर्मल पावर स्टेशन है, जो कर्नाटक की 70 प्रतिशत बिजली प्रदान करता है। ये स्थान महत्वपूर्ण ऊर्जा और रक्षा परिसंपत्तियों के लिए खास है इसलिए यहां की सुरक्षा उपायों की अधिक आवश्यकता है। ये ही वजह है कि यहां पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है।
मॉक ड्रिल में क्या है?
मॉक ड्रिल में आपातकालीन स्थित में नागरकों को बिना घबराए क्या प्रतिक्रिया करनी है और कैसे अपना बचाव करना है? इसका अभ्यास करवाया जाएगा। इस मॉक ड्रिल में वॉलियटर्स को युद्ध, हमला या इमरजेंसी की स्थिति में अपना और दूसरों का बचाव करने की ट्रेनिंग दी जाती है।
मॉक ड्रिल में कौन-कौन लेगा हिस्सा?
इस मॉक ड्रिल में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), नागरिक सुरक्षा कर्मी और चिकित्सा पेशेवर मॉक ड्रिल में भाग लेंगे।
क्या-क्या होगा?
बजेगा हवाई हमले वाला सायरन
हवाई हमले में बजने वाला एयर रेड सायरन जगह-जगह बजाया जाएगा। जिससे लोग इस सायरन की आवाज से वाकिफ हो सकें। ये सायरन हवाई हमले की चेतावनी देने के लिए बजाया जाता है।
ब्लैकाउट
इसके अलावा ब्लैकाउट किया जाएगा। इस दौरान शहर भर की लाइटें, सड़कों पर वाहनों की लाइटों को बंद करवा दिया जाएगा। शहर की बिजली काट दी जाएगी। यानी पूरा शहर अंधकारमय हो जाएगा। इसे क्रैश ब्लैकआडट भी कहा जाता है।
इमारतों, प्रतिष्ठानों को छिपाने का होगा अभ्यास
इस दौरान सरकारी इमारतों, बस, रेलवे, पर्यटक स्थलों और शहर के संवेदनशील प्रतिष्ठानों समेत अन्य प्रमुख स्थानों को कवर का छिपाने का अभ्यास भी किया जाएगा।












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