Bengaluru Metro: सिल्क बोर्ड पर बन रहा मेट्रो का स्मार्ट वॉकवे, मिनटों में येलो–ब्लू लाइन बदल सकेंगे यात्री
Bengaluru Metro walkway on Silk Board: बेंगलुरु में मेट्रो कनेक्टिविटी को और आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (BMRCL) सिल्क बोर्ड जंक्शन पर लगभग 250 मीटर लंबा एलिवेटेड फुटपाथ बनाने जा रहा है। इसका उद्देश्य 'येलो लाइन' और 'ब्लू लाइन' मेट्रो कॉरिडोर के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाना है।
इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि इसमें शहर का पहला ट्रैवेलेटर लगाया जाएगा, जो यात्रियों को लंबी दूरी पैदल तय करने की परेशानी से राहत देगा। इस प्रोजेक्ट में निर्माण और वास्तुशिल्प सुधार शामिल हैं, जिसके लिए BMRCL ने रविवार को विभिन्न कार्यों के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं।

क्या होता है 'ट्रैवेलेटर'
इस फुटपाथ पर शहर के मेट्रो नेटवर्क का पहला 'ट्रैवेलेटर' स्थापित होगा, जो यात्रियों की यात्रा को आसान बनाएगा। ट्रैवेलेटर एयरपोर्ट पर देखा जाने वाला एक धीमा चलने वाला प्लेटफॉर्म है, जिसे लंबी दूरी पर आवाजाही आसान बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया जाता है।

सिल्कबोर्ड पर स्मार्ट वॉकवे बनने से यात्रियों को क्या होगा फायदा?
यह एलिवेटेड फुटपाथ चालू 'येलो लाइन' (बोम्मसंद्रा से आर.वी. रोड तक) को आउटर रिंग रोड पर आगामी 'ब्लू लाइन' से जोड़ेगा। परियोजना में फुटपाथ की कार्यक्षमता और सौंदर्य अपील बेहतर बनाने के लिए विस्तृत सिविल, संरचनात्मक निष्पादन और वास्तुशिल्प फिनिशिंग शामिल है।
कितनी आएगी लगात और क्यों है ये जरूरी?
इस स्मार्ट वॉकवे को बनाने ₹59 करोड़ की लागत लगने का अनुमान है। ये सिल्क बोर्ड जंक्शन पर मैजेस्टिक जैसे प्रमुख इंटरचेंज हब की तरह लाइनों के बीच सीधा बदलाव न होने के कारण यह पैदल मार्ग अत्यावश्यक है। 'ब्लू लाइन' स्टेशन दिसंबर 2026 तक और हवाई अड्डे की कनेक्टिविटी 2027 तक अपेक्षित है।
कब तक बनकर हो जाएगा तैयार?
BMRCL के एक अधिकारी ने बताया, "परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण जारी है। बोली अवधि समाप्त होने के बाद, योग्य बोलीदाता के चयन में कम से कम एक या दो महीने लगेंगे। अभी केवल निविदा जारी की गई है; तकनीकी स्तर पर रणनीति बनाई जा रही है।












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