Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Bengaluru Metro: नम्‍मा मेट्रो में 'रोलर कोस्‍टर राइड का मिलेगा मजा, कौन सी है ये मेट्रो लाइन? PHOTO वायरल

Bengaluru Metro: बेंगलुरु मेट्रो ने शहरवासियों की जिंदगी को आसान बना दिया है। लगातार मेट्रो रूट के हो रहे विस्‍तार के कारण शहर में मेट्रो कनेक्‍‍टविटी बढ़ गई है। इस सबके बीच बेंगलुरू मेट्रो का नया रूट अपने अनूठे डिज़ाइन के कारण सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है।

निर्माणाधीन इस ट्रैक को देखकर कई लोग इसे "मेट्रो कोस्टर" कह रहे हैं, क्योंकि यह किसी मनोरंजन पार्क के रोलर कोस्टर जैसा ही प्रतीत होता है।

Bengaluru Metro

'मेट्रो कोस्टर' कैप्‍शन से शेयर की ये तस्‍वीर

दरअसल, रेडिट पर एक यूजर ने 'मेट्रो कोस्टर' कैप्‍शन से यह तस्वीर साझा की। इसमें देखा जा सकता है कि निर्माणाधीन ट्रैक बिल्कुल रोलर कोस्टर की सवारी जैसा लग रहा है, जिसके कई हिस्से ऊपर-नीचे होते दिख रहे हैं। बेंगलुरू के एक यूजर ने पूछा, "क्या आपने बेंगलुरु मेट्रो को सीधी ढलानों पर उतरते देखा है?"

कौन सी है ये मेट्रो लाइन? एरिया क्‍या है?

हालांकि अभी ये रूट शुरू नहीं है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह ब्लू लाइन का हिस्सा है, जो उत्तरी बेंगलुरु में हेब्बाल की ओर बढ़ रहा है। यह लाइन सेंट्रल सिल्क बोर्ड जंक्शन को केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (केआईए) से जोड़ेगी।

Bengaluru Metro

क्‍यों बनाया गया ऐसा रोलर-कोस्‍टर रूट?

इस अनूठी डिज़ाइन की वजह बेंगलुरू के इस एरिया की जटिल भौगोलिक संरचना और सड़क के ढलान बताए गए हैं। इन्हीं के अनुरूप पिलर बनाए गए हैं, जिसके चलते मेट्रो मार्ग में यह अनोखा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

बेंगलुरू की सड़कें उतार-चढ़ाव वाली क्‍यों हैं?

बेंगलुरू की सड़कें ऊपर-नीचे इसलिए दिखती हैं क्योंकि यह शहर दक्कन का पठार पर लगभग 900 मीटर की ऊँचाई पर बसा है, जहां जमीन प्राकृतिक रूप से ऊँच-नीच और ढलानदार है। ये शहर प्राकृतिक भूभाग के अनुसार बसता और बढ़ता गया।

पुराने समय में यहां कई झीलें और नाले थे, इसलिए बारिश का पानी आसानी से बह सके इसके लिए सड़कों को भी प्राकृतिक ढाल के अनुसार बनाया गया। साथ ही, यह शहर कई पुराने गाँवों के विस्तार से विकसित हुआ, जिनके रास्ते पहले से ही जमीन की बनावट के अनुसार थेबाद में उन्हीं को चौड़ा कर सड़कें बना दी गईं। तेज़ी से बढ़ते ट्रैफिक के कारण बने फ्लाईओवर और अंडरपास भी सड़कों को और अधिक ऊपर-नीचे दिखाई देते हैं।

बेंगलुरू शहर की स्‍थापना कैसे और कब हुई?

  • 16वीं शताब्दी में केम्पे गौड़ा प्रथम ने यहाँ मिट्टी का किला बनाकर एक संगठित बाजार-नगर बसाया, जिससे शहर की नींव पड़ी।
  • बेंगलुरू ग्रेनाइट चट्टानों वाले पठारी क्षेत्र में बसा है। शुरुआती किले, मंदिर और इमारतों में स्थानीय पत्थर का उपयोग हुआ, लेकिन पूरा शहर पत्थर काटकर नहीं बनाया गया।
  • 19वीं सदी में ब्रिटिश शासन के दौरान कैंटोनमेंट क्षेत्र विकसित हुआ, जिससे सड़कों, रेलवे और आधुनिक प्रशासनिक ढाँचे का विस्तार हुआ।
  • समय के साथ आसपास के गाँव, बाजार और सैन्य क्षेत्र मिलकर शहर का हिस्सा बने, और इस तरह बेंगलुरू धीरे-धीरे फैलता हुआ आज का महानगर बना। ऐसे आधुनिक बेंगलुरू का विस्तार हुआ और बेंगलुरू देश भर में आज आईटी हब के नाम से जाना जाता है।
More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+