Bengal Sir: फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने में होगी देरी, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ेगी तारीख?
Bengal Sir: पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर राजनीतिक घमासान जारी है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन एक बार फिर तय समय पर नहीं हो पाएगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद चुनाव आयोग की प्रशासनिक और कानूनी चुनौतियां बढ़ गई हैं।दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने SIR प्रक्रिया में पाई गई गड़बड़ियों को सार्वजनिक करने के लिए समय दिया है।
साथ ही, प्रभावित मतदाताओं को आपत्ति दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त समय देने का आदेश दिया है।अदालत ने 10 बिंदुओं वाली गाइडलाइंस जारी की हैं। इस गाइडलाइन का पालन करना अब चुनाव आयोग के लिए अनिवार्य हो गया है।

Bengal Sir: 14 फरवरी को नहीं प्रकाशित होगी वोटर लिस्ट
पहले यह माना जा रहा था कि सुनवाई की प्रक्रिया 7 फरवरी तक पूरी हो जाएगी। इसके बाद आयोग फाइनल वोटर लिस्ट 14 फरवरी को प्रकाशित कर देगा। चुनाव आयोग का कहना है कि सुनवाई के लिए लाखों मामले हैं और मौजूदा समय-सीमा में इनकी सुनवाई असंभव है। आयोग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि अगर पांच से छह लाख मामलों की सुनवाई करनी है, तो इसके लिए कहीं ज्यादा समय और संसाधनों की जरूरत होगी। ऐसे में 14 फरवरी की तारीख अब आगे बढ़ सकती है।
Bengal Sir News: सुप्रीम कोर्ट ने दिया अहम आदेश
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, SIR में जिन मतदाताओं से जुड़ी 'लॉजिकल गड़बड़ियां' पाई गई हैं, उनकी सूची सार्वजनिक करनी होगी।
- यह सूची ग्रामीण इलाकों में पंचायत भवन और ब्लॉक ऑफिस में, जबकि शहरी क्षेत्रों में वार्ड ऑफिस में प्रदर्शित की जाएगी, ताकि आम लोग आसानी से इसे देख सकें।
- इसके अलावा मतदाताओं को पंचायत या ब्लॉक ऑफिस में दस्तावेज़ और आपत्तियां जमा करने का मौका भी दिया जाएगा।
Bengal Sir Update: प्रतिनिधि के जरिए भी दर्ज हो सकती है आपत्ति
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस प्रक्रिया की वजह से जिन नागरिकों पर इसका असर पड़ सकता है, वे अपनी आपत्तियां दर्ज कर सकते हैं। अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए भी दस्तावेज या आपत्तियां जमा कर सकते हैं। इसके लिए साइन किया हुआ अनुमति पत्र जरूरी होगा। BLO को भी प्रतिनिधि बनाया जा सकता है। सूची प्रकाशित होने की तारीख से अतिरिक्त 10 दिन का समय आपत्तियां दर्ज कराने के लिए दिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी दिए निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी राज्य पुलिस के डीजी, जिला एसपी और जिलाधिकारियों पर भी डाली है। साथ ही, हर जिले में जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त स्टाफ और सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। चुनाव आयोग के सूत्रों का कहना है कि पहले भी ड्राफ्ट और फाइनल वोटर लिस्ट की तारीखें टाली जा चुकी हैं। शुरुआत में फाइनल लिस्ट 7 फरवरी 2026 को जारी होनी थी, फिर इसे 14 फरवरी तक बढ़ाया गया। अब सुप्रीम कोर्ट के नए आदेशों के बाद तारीख और आगे खिसकने की संभावना है। फिलहाल आयोग की ओर से नई तारीख को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।












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