Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Bengal Chunav: ममता बनर्जी के लिए खुशखबरी? 2 फेज वाले चुनावी शेड्यूल से TMC को फायदा, BJP मुश्किल में दिख रही?

Bengal Chunav 2026: : श्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का ऐलान होते ही राज्य की राजनीति में एक नया समीकरण बनता दिखाई दे रहा है। चुनाव आयोग ने इस बार पूरे राज्य में सिर्फ दो चरणों में मतदान कराने का फैसला किया है। पहली नजर में यह एक साधारण चुनावी कार्यक्रम लग सकता है, लेकिन अगर पिछले चुनाव के आंकड़ों को इस नए फेज सिस्टम पर रखकर देखा जाए तो तस्वीर काफी दिलचस्प बनती है।

विश्लेषण (एनालिसिस) बताता है कि इन दो चरणों का विभाजन तृणमूल कांग्रेस (TMC) और बीजेपी (BJP) के लिए अलग-अलग राजनीतिक माहौल तैयार कर सकता है। जहां पहला चरण कड़ी टक्कर वाला मैदान बन सकता है, वहीं दूसरा चरण ऐसा इलाका माना जा रहा है जहां तृणमूल कांग्रेस की पकड़ बेहद मजबूत है।

Bengal Election 2026 BJP VS TMC

पहला चरण: जहां मुकाबला सीधा और कांटे का है (Phase 1 Competitive Battleground)

पहला चरण 23 अप्रैल को होगा और इसमें कुल 152 सीटों पर मतदान कराया जाएगा। अगर 2021 के विधानसभा चुनाव के नतीजों को इन सीटों पर लागू करके देखा जाए तो तस्वीर काफी प्रतिस्पर्धी दिखती है।

इन 152 सीटों में से तृणमूल कांग्रेस को लगभग 92 सीटों पर बढ़त मिलती दिखाई देती है, जबकि बीजेपी करीब 59 सीटों पर मजबूत स्थिति में थी। एक सीट अन्य दलों के खाते में जाती है। प्रतिशत के लिहाज से देखें तो इस चरण में टीएमसी की हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत और बीजेपी की करीब 39 प्रतिशत बैठती है।

यही वह इलाका है जहां 2021 में बीजेपी ने अपने जनाधार को तेजी से बढ़ाया था। उत्तर बंगाल, पश्चिमी जिलों और राज्य के कुछ मध्य हिस्सों में पार्टी ने एंटी-इंकम्बेंसी के सहारे मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी। इस वजह से पहले चरण का चुनाव इस बार भी काफी रोमांचक और कड़ा मुकाबला बन सकता है।

Bengal election 2026 two phase schedule
Bengal Opinion Poll 2026: बंगाल का अगला CM कौन? TMC या BJP किसको कितनी सीटें? नए ओपिनियन पोल ने बढ़ाया सस्पेंस
Bengal Opinion Poll 2026: बंगाल का अगला CM कौन? TMC या BJP किसको कितनी सीटें? नए ओपिनियन पोल ने बढ़ाया सस्पेंस

दूसरा चरण: जहां टीएमसी की पकड़ बेहद मजबूत (Phase 2 TMC Stronghold)

दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा और इसमें 142 सीटों पर मतदान कराया जाएगा। लेकिन इस चरण की राजनीतिक तस्वीर पहले चरण से बिल्कुल अलग मानी जा रही है।

2021 के नतीजों के आधार पर देखें तो इन 142 सीटों में से करीब 123 सीटें तृणमूल कांग्रेस के कब्जे में थीं। यानी लगभग 86 प्रतिशत सीटों पर पार्टी की मजबूत पकड़ दिखाई देती है। वहीं बीजेपी को यहां सिर्फ 18 सीटों पर जीत मिली थी, जो करीब 13 प्रतिशत के आसपास बैठती है। एक सीट अन्य के खाते में गई थी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यही वह इलाका है जिसने 2021 में ममता बनर्जी को लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने का रास्ता दिया था। यह बेल्ट पारंपरिक रूप से टीएमसी के कल्याणकारी योजनाओं और मजबूत संगठन के कारण उसके साथ खड़ी रही है।

Tamil Nadu Opinion Poll 2026: किसकी बनेगी सरकार? NDA-DMK में कड़ा मुकाबला, सीटों का अनुमान चौंकाने वाला
Tamil Nadu Opinion Poll 2026: किसकी बनेगी सरकार? NDA-DMK में कड़ा मुकाबला, सीटों का अनुमान चौंकाने वाला

बीजेपी के लिए चुनौती क्यों?

इस चुनावी शेड्यूल की वजह से बीजेपी के सामने एक रणनीतिक चुनौती खड़ी हो सकती है। पार्टी का मजबूत इलाका पहले चरण में है, लेकिन दूसरा चरण वह क्षेत्र है जहां उसका जनाधार अपेक्षाकृत कमजोर रहा है।

अगर बीजेपी को इस बार सत्ता के करीब पहुंचना है तो उसे उन क्षेत्रों में भी पैठ बनानी होगी जहां अब तक टीएमसी का संगठन और वोट बैंक बेहद मजबूत माना जाता है। इसके लिए पार्टी को नए सामाजिक समीकरण बनाने होंगे और स्थानीय स्तर पर संगठन को और मजबूत करना पड़ेगा।

Opinion Poll: असम में BJP लगा पाएगी हैट्रिक? कौन बनेगा CM? कांग्रेस को कितनी सीटें? आ गया पहना ओपिनियन पोल
Opinion Poll: असम में BJP लगा पाएगी हैट्रिक? कौन बनेगा CM? कांग्रेस को कितनी सीटें? आ गया पहना ओपिनियन पोल

टीएमसी के लिए क्यों फायदेमंद माना जा रहा है (Why Schedule May Benefit TMC)

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दो चरणों का चुनाव तृणमूल कांग्रेस के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त भी दे सकता है। पहले चरण के बाद पार्टी अपने मजबूत क्षेत्रों में दूसरे चरण का चुनाव लड़ सकती है, जिससे उसे चुनावी गति बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

2021 के चुनावी पैटर्न को देखें तो महिलाओं, अल्पसंख्यक समुदायों और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों ने बड़े पैमाने पर टीएमसी का समर्थन किया था। यही कारण है कि पार्टी का कोर वोट बैंक अभी भी काफी मजबूत माना जाता है।

बंगाल की राजनीति का बड़ा दांव

294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 सीटों का है। फिलहाल राज्य में तृणमूल कांग्रेस सत्ता में है और उसके पास 223 विधायक हैं।

2021 के चुनाव में टीएमसी ने 213 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि बीजेपी को 77 सीटें मिली थीं। तब से लेकर अब तक राज्य की राजनीति में बीजेपी लगातार अपने संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। वहीं तृणमूल कांग्रेस 2011 से लगातार सत्ता में है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस बार चौथी बार सरकार बनाने की कोशिश में हैं।

नए समीकरण भी बदल सकते हैं चुनाव?

इस चुनाव में एक और दिलचस्प पहलू हुमायूं कबीर की नई राजनीतिक पारी है। उन्होंने टीएमसी से अलग होकर अपनी नई पार्टी बनाई है और कुछ इलाकों में नया समीकरण बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि उनकी राजनीति से किस पार्टी को फायदा होता है और किसे नुकसान।

कुल मिलाकर, दो चरणों में बंटा यह चुनाव पश्चिम बंगाल को दो अलग-अलग सियासी मैदानों में बांटता नजर आ रहा है। एक तरफ कड़ा मुकाबला है तो दूसरी तरफ मजबूत किले की तरह खड़ा वोट बैंक। यही वजह है कि 2026 का बंगाल चुनाव देश की राजनीति का सबसे दिलचस्प और सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मुकाबला बन सकता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+