Begusarai Lok Sabha: ‘युवाओं के रोज़गार की गारंटी जो लेगा, हम जी जान से उसका साथ देंगे’- छात्र नेता
Lok Sabha Chunav 2024: लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र बिहार में सियासी बाज़ार सजने लगा है। इसी क्रम में विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग अपनी मांगों को लेकर संघर्ष भी कर रहे हैं। मतदाताओं की अलग-अलग डिमांड है। चुनावी मौसम में मतदाताओं के मिज़ाज को खंगालने वन इंडिया हिंदी की टीम बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र पहुंची। ग्राउंड पर विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों से बात की। लोकसभा चुनाव को लेकर लोगों ने बेबाकी से अपनी राय रखी।
वन इंडिया हिंदी ने अंतर्राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्लेयर, सह छात्र नेता कैसर रेहान समेत अन्य युवाओं से बातचीत की। उन्होंने बताया कि युवाओं की सबसे बड़ी परेशानी बेरोज़गारी है, बढ़ती महंगाई है। जो पार्टी हम युवाओं को रोज़गार की गारंटी देगी। हम सभी लोग जी जान से उस पार्टी या गठबंधन को जिताने के लिए काम करेंगे।

बेगूसराय के स्थानीय सांसद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह युवाओं के रोज़गार पर बात नहीं करते हैं, लेकिन युवाओं से टीका लगाकर मंदिर जाने की अपील करते हैं। हिंदुत्व की सियासत पर ज़ोर देते हैं। हम लोगों की भी धर्म के प्रति आस्था है। अपने धर्म को ईमानदारी से मानते चले आ रहे हैं।
आप हमें को बताइए कि हम उनकी बात को मानकर सिर्फ़ धर्म की बात करें या उनसे यह सवाल करें कि रोज़गार कैसे मिलेगा। रोज़गार की बात पर चुप्पी साध लेते हैं और धर्म के नाम पर समाज को बांटने वाला बयान देते हैं। बयानबाज़ी से पेट नहीं भरता है, पेट भरने के लिए पॉकेट में पैसे होने चाहिए।
पॉकेट में पैसे रहें, इसके लिए नौकरी ज़रूरी है। बिहार में बढ़ रहे अपराध की सबसे बड़ी वजह है, युवाओं को रोज़गारी नहीं मिल पा रहा है। युवा अगर नौकरी करेंगे तो उन्हें फालतू काम में मन ही नहीं लगेगा। सुबह काम में जाएंगे, शाम को परिवार के साथ वक्त बिताएंगे। इसलिए हम लोगों को रोज़गार चाहिए। धर्म की सियासत नेताओं को मुबारक हो।
बिहार सरकार ने कम से कम युवाओं के रोज़गार के लिए कदम तो उठाया। लाखों लोगों को नौकरी मिल रही है। 'मेडल लाओ और नौकरी पाओ' योजना के तहत खिलाड़ियों को भी रोज़गार मिल रहा है। इसलिए वक्त और हालात को देखते हुए यही फ़ैसला है कि इंडिया गठबंधन की तरफ़ से जो भी उम्मीदवार होगा उसे जिताने की कोशिश करेंगे।
राज्य के हालात सुधरने के बाद ही केंद्र को सुधारने का सोचेंगे। जब हमारा घर ही ठीक नहीं होगा तो पड़ोसी के घर की हालत कैसे ठीक करेंगे। केंद्र के क्या समीकरण बन रहे हैं, वह तो नहीं पता लेकिन बिहार में यह कोशिश ज़रूर रहेगी की सभी 40 सीटों पर महागठबंधन के उम्मीदवार को जीत का सेहरा पहनाएं।
आपको बता दें कि यह जनता द्वारा कही गई बात है। वन इंडिया हिंदी किसी भी तरह से किसी पार्टी, दल और नेता का प्रचार नहीं करता है। लोकसभा चुनाव को लेकर ग्राउंड पर मतदाताओं का मूड क्या है, बस वह जानने की कोशिश की जा रही है।












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