अदिति सिंह से पहले पंजे का साथ छोड़कर ये दिग्गज कांग्रेसी थाम चुके हैं भाजपा का कमल
नई दिल्ली, 25 नवंबर। उत्तर प्रदेश चुनाव 2022 से पहले कांग्रेस को बुधवार को एक और बड़ा झटका लगा। रायबरेली सदर सीट से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर ली। अदिति सिंह रायबरेली में अब चुनावी मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनकी बेटी प्रियंका गांधी का मुकाबला करती नजर आएंगी। अदिति सिंह के भाजपा ज्वाइन करने से कांग्रेस की मुश्किल और बढ़ गई है। अदिति से पहले कांग्रेस के कई असंतुष्ट दिग्गज नेता कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर चुके हैं वर्ष 2016 से 2020 के बीच हुए चुनावों के दौरान कांग्रेस ने 170 विधायक गंवा दिए वहीं कई बड़े सांसद और दिग्गज नेता गवां चुकी है।

ज्योतिरादिज्य सिंधिया
मार्च 2019 में कांग्रेस का हाथ छोड़कर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा ज्वाइन कर ली थी। सिंधिया के पंजा छोड़ कमल थामते ही मध्यप्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार गिर गई थी और भाजपा ने सत्ता संभाली। कांग्रेस के सिंधिया के पार्टी छोड़ने से बड़ा झटका लगा वहीं भाजपा ज्वाइन करने के बाद सिंधिया का कद बढ़ा। मोदी सरकार ने उन्हें अपनी कैबिनेट में जगह देते हुए उड्यन मंत्री बनाया।

जितिन प्रसाद
राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ नेता जितिन प्रसाद ने 9 जून 2019 को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ज्वाइन कर ली थी। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में जितिन प्रसाद ने पार्टी की सदस्यता ली थी। जितिन प्रसाद ब्राह्मण चेतना मंच के संचालक हैं। कांग्रेस से भाजपा में आए जितिन प्रसाद का कद पार्टी में बढ़ गया है और जतिन से यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा को और मजबूती मिली है।

रीता बहुगुणा जोशी
कांग्रेस की दिग्गज नेता रीता बहुगुणा जोशी ने 2016 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर ली और एक साल बाद 2017 में यूपी में हुए विधानसभा चुनाव में मुलायम सिंह की छोटी बहू अपर्णा यादव को हारकर लखनऊ कैंट क्षेत्र से विधायक चुनी गईं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने रीता बहुगुणा को तब्ज्जों देते हुए इलाहाबाद सीट से चुनाव लड़वाया और सांसद बनी।

नारायण राणे
महाराष्ट्र के कद्दावर नेता नारायण राणे ने 2019 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर ली थी। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे वर्तमान समय में केंद्रीय लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री हैं।

जगदंबिका पाल
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगदंबिका पाल ने 2014 में कांग्रेस को अलविदा कर भाजपा ज्वाइ कर ली थी। वो डुमरियागंज से दो बार से भाजपा के सांसद बने।

हेमंत बिस्वा शर्मा
पूर्वोत्तर राज्य के कद्दावर नेता हेमंत बिस्वा शर्मा ने 2015 में भाजपा ज्वाइन कर लिया था। शर्मा पूर्वोत्तर के संकटमोचन हैं। असम में बिस्वा भाजपा का मजबूत किला हैं। 2016 में असम विधानसभा चुनाव भाजपा के टिकट पर जीते और कैबिनेट मंत्री भी बने। हिमन्त विश्व शर्मा वर्तमान में असम के मुख्यमन्त्री है।

चौधरी बीरेंद सिंह
2014 में चौधरी बीरेंद सिंह ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में वो इस्पात मंत्री बने। हरियाणा के कद्दावर नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह का रिकार्ड है कि वो कई पार्टियों में रहे और हर चुनाव में जीत हासिल की। अब वो राजनीति से सन्यास ले चुके हैं।












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