BBC Documentary: JNU के बाद टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज में स्क्रीनिंग की तैयारी, नहीं मिली इजाजत
TISS मुंबई के छात्र भी बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि उनको कॉलेज प्रशासन से इजाजत नहीं मिली है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी बीबीसी की विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री पर सरकार ने रोक तो लगा दी है, लेकिन कई जगहों पर जबरन इसकी स्क्रीनिंग की जा रही। हाल ही में दिल्ली के जेएनयू में डॉक्यूमेंट्री को लेकर जमकर बवाल देखने को मिला, तो वहीं अब टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) मुंबई में छात्रों के एक गुट ने इस डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की योजना बनाई है।
मामले में प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स फोरम (PSF) ने कहा कि सरकार ने डॉक्यूमेंट्री को बैन कर दिया, इस फैसले के विरोध में ये स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके अलावा ये अन्य छात्र संगठनों के साथ एकजुटता दिखाने का तरीका है। ऐसे में उनका संगठन छात्रों से अपील करता है कि वो 28 जनवरी को होने वाली स्क्रीनिंग में बड़ी संख्या में पहुंचें। वहीं दूसरी ओर TISS ने एक अधिकारी ने साफ किया कि उनकी ओर से स्क्रीनिंग की इजाजत नहीं दी गई है।
जामिया में भी हुआ विवाद
वहीं दूसरी ओर जामिया मिलिया इस्लामिया में भी कुछ छात्र संगठनों ने इस डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की योजना बनाई थी, जिसको लेकर विवाद की स्थिति खड़ी हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल वहां पहुंचा और कई छात्रों को हिरासत में लिया। जामिया प्रशासन ने छात्रों को विवाद से बचने की सलाह दी है। साथ ही साफ किया कि किसी भी हाल में यूनिवर्सिटी में डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग नहीं होने दी जाएगी।
जेएनयू में हुई थी पत्थरबाजी
बीते मंगलवार को इस डॉक्यूमेंट्री को लेकर जेएनयू में बवाल हुआ था। उस दौरान छात्रसंघ कार्यालय की बिजली काट दी गई थी। इसके बाद वहां पर जमकर पत्थरबाजी हुई। इस घटना की वजह से काफी देर तक इंटरनेट भी बंद था। इसके बाद भारी संख्या में पुलिस के जवान जेएनयू पहुंचे और हालात को काबू में किया। जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष आयशी घोष ने दावा किया था कि प्रशासन ने जानबूझकर बिजली काटी, जबकि वो कुछ भी गलत नहीं कर रहे थे।












Click it and Unblock the Notifications