रण भूमि तैयार, जल्द शुरू होगी इंसान और कोहरे के बीच जंग
नई दिल्ली (अन्नू मिश्रा)। अगर आप दिल्ली घूमने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ तैयारियां आपको करके आना होगा, क्योंकि जल्द ही दिल्ली, एनसीआर और लगलग पूरे उत्तर भारत में जंग शुरू होने वाली है। यह जंग होगी इंसान और कोहरे के बीच। जंग होगी तेज़ ठंडी हवाओं और सरकार के बीच, यह जंग होगी आग और पानी के बीच, यह जंग होगी अपराधियों और पुलिस के बीच। शीत लहर के साथ इस जंग यानी युद्ध का शंखनाद हो चुका है।

जनाब आपको ले चलते हैं दिल्ली जहां की सर्दी उतनी ही आक्रामक होती है, जितनी गर्मी। बीती रात ने दिल्ली वालों को अगाह कर दिया कि साहब अब आप भी अपने अस्त्र-शस्त्र तैयार कर लें क्योंकि सर्दी का आक्रमण शुरु हो गया है। दिल्ली से लेकर कुरुक्षेत्र तक शाम बहुत ठंडी होने लगी है और रात को आलम और भी बुरा हो जाता है। दिन की बात करें तो सूर्य देव भी सुस्त नज़र आने लगे हैं। ऐसे में राजेंद्र जी की एक काव्य पंक्ति याद आती है, "आवारा सूर्य सभी पर डाल ठंडी, काली चादर निकल गया कहीं सारी ऊष्मा साथ लेकर एकाकी।"
रणभूमि में उतर चुके कोहरे ने यूं तो अपने कहर को बरपाना शुरू नहीं किया है लेकिन हां शामों-सुबह आलम धुंध नाम की तल्वार की धार नित दिन तेज़ होती जा रही है। यह समय खास कर दिल के मरीजों के लिए खतरनाक है, क्योंकि यह तलवार सीधे दिल पर वार करती है और हृदय रोगों से ग्रसित लोगों के लिये तकलीफदेह बन जाती है। यही नहीं यह कई अन्य बीमारियों की अग्रदूत भी है।
इसलिए आपसे खास द्वर्खाव्स्त है कि आप इस सर्दी को हल्के में न लें। बात आज कि भी करें तो आज का न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री दर्ज किया गया है, मौसम विभाग की मानें तो अधिकतम तापमान भी सामान्य से कम ही रहा। इस महीने 7 दिसंबर को न्यूनतम तापमान सबसे ज्यादा 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक है। मौसम विभाग ने कल भी इसी तरह के मौसम की भविष्यवाणी की है।

इससे यह तो साफ ज़ाहिर है कि अब तापमान निरंतर घट ही सकता है, बढ़ने की उम्मीद बहुत कम हैं। यानी आसमान से तीर-त्रिशूल-भाले (जमा देने वाली शीत लहर का प्रकोप), आंसू गैस का धुआं, (कोहरे की चादर), गोला-बारूद (दिसंबर के अंत में होने वाली बारिश के साथ गिरने वाले ओले) न केवल लोगों को घायल करेंगे, बल्कि फसलों को भी नष्ट कर देंगे।
मनुष्य का हथियार बनेगी चाय
जाहिर है इस युद्ध के माहौल में इंसान भी चुप नहीं बैठेगा। आम आदमी जिसके हाथ में सिर्फ खुद को बचाना है वो चाय-कॉफी का सहारा लेगा। जगह-जगह अलाव जलायेगा। ठिठुरते कपकपाते हाथों में चाय की गर्म प्याली और वो तपती आग जगह-जगह देखने को मिलेगी। शरीर को अंदर से गर्म रखने वाली खाने की चीजें जैसे गजक और मूंगफली युद्धक सामग्री का काम करेंगी। मक्के की रोटी और सरसों का साग सर्दी से युद्ध में इंसान का इम्यून सिस्टम मजबूत करेगा।
हालांकि जंग में ढाल की बात करना हम नहीं भूल सकते। उत्तर भारत के लगभग हर बड़े शहरों में स्वेटर, कोट, कार्डिकन, दस्तानों, जैकेटों की सेल लग चुकी है। लोग घरों से बाहर निकलते वक्त स्वेटर पहन कर निकलने लगे हैं। इसके बावजूद सरकार के पास बड़ी चुनौती होगी- सर्दी से होने वाली मौतों से जंग लड़ना। दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, झांसी, हर शहर में राहत शिविर लगाये जायेंगे।
खैर अंत में इतना ही कहेंगे सर्दी से सावधान रहें सजग रहें और खुल के मौसम का आनंद लें।












Click it and Unblock the Notifications